नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि जब मानवता की सीमाएं पार की जाती हैं, तो प्रतिक्रिया निर्णायक होती है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।
भारतीय सेना ने कहा कि कुछ सीमाएं कभी पार नहीं करनी चाहिए, भारत भूलता नहीं है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए करारा जवाब दिया था। भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया था।
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान में टॉप-5 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में मुदस्सर खादियान खास उर्फ मुदस्सर उर्फ अबू जुंदाल, हाफिज मुहम्मद जमील, मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी उर्फ मोहम्मद सलीम उर्फ घोसी साहब, खालिद उर्फ अबू अक्शा, मोहम्मद हसन खान को ढेर कर दिया था।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में घूमने आए सैलानियों पर आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। पहलगाम आतंकी हमले से देशभर में आक्रोश फैल गया था। आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर महिलाओं और बच्चों के सामने गोली मारी थी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के नौ ठिकाने तबाह कर दिए थे। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। भारतीय सेना को असली कामयाबी 28 जुलाई 2025 को उस वक्त मिली थी, जब भारतीय सेना ने ऑपेरशन महादेव के तहत पहलगाम में लोगों को गोली मारने वाले आतंकियों को मौत के घाट उतारा था।

