केएमपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास का प्रमुख चालक: हरियाणा मंत्री

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चंडीगढ़, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने मंगलवार को कहा कि 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का प्रवेश द्वार और राज्य के औद्योगिक विकास का प्रमुख चालक बनेगा।

उन्होंने बताया कि सरकार ने 2031 तक अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर पांच नए शहर विकसित करने के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। इस कॉरिडोर को सिंगापुर मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र आधुनिक शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार का केंद्र बन जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को साकार करने में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि केएमपी एक्सप्रेसवे मजबूत कनेक्टिविटी और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जिससे निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने विकास को और बढ़ावा देने के लिए अपनी औद्योगिक नीति में महत्वपूर्ण संशोधन भी किए हैं।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को केवल राजस्व सृजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कुशल सेवाएं प्रदान करने, त्वरित मंजूरी देने और निवेशक-अनुकूल वातावरण बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए राव नरबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2030 तक 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने की घोषणा की है, जिनमें से पांच को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और उनका विकास कार्य जारी है।

उन्होंने आगे बताया कि उद्योग विभाग के बजट आवंटन में पिछले वर्ष काफी वृद्धि हुई है और आगामी बजट में इसमें और वृद्धि की योजना है।

उन्होंने कहा कि ये पांच नए शहर आकर्षण और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरेंगे, साथ ही दिल्ली पर जनसंख्या का दबाव कम करने में भी मदद करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली से निर्बाध कनेक्टिविटी और आईजीआई हवाई अड्डे और आगामी जेवर हवाई अड्डे दोनों से लगभग 30 मिनट की दूरी पर स्थित होने के कारण, यह क्षेत्र घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए एक बेहद आकर्षक गंतव्य प्रदान करता है।