कोलकाता, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से एक दिन पहले, चुनाव आयोग ने बुधवार को बाइक चलाने पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी। चुनाव आयोग के इस कदम के बाद वैध पहचान पत्र रखने वाले ऑफिस जाने वाले लोग प्रतिबंधित अवधि के दौरान मोटरसाइकिल का उपयोग कर सकेंगे।
एक नई अधिसूचना में, आयोग ने कहा कि उचित पहचान पत्र रखने वाले ऑफिस जाने वाले बाइक सवारों को मोटरसाइकिल आवागमन पर लगाए गए प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी। इससे पहले, चुनाव आयोग ने ऐप आधारित मोटरसाइकिल चालकों और खाद्य वितरण कर्मियों को इन प्रतिबंधों से पहले ही छूट दे दी थी।
एक दिन पहले, चुनाव आयोग ने एक अलग अधिसूचना जारी कर मतदान से पहले मोटरसाइकिल चलाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए थे।
आयोग के अनुसार, ये उपाय चुनाव अवधि के दौरान बाइक रैलियों के प्रभुत्व को रोकने और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए।
विस्तृत अधिसूचना के अनुसार, मतदान से दो दिन पहले संवेदनशील क्षेत्रों में बाइक रैलियों या मोटरसाइकिल जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके अतिरिक्त, इस अवधि के दौरान शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे के बीच मोटरसाइकिलों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई।
हालांकि, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और परिवार से संबंधित आवश्यक जरूरतों के लिए छूट दी गई।
आयोग ने मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर सवारी करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया। अधिसूचना के अनुसार, मतदान से दो दिन पहले सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच मोटरसाइकिलों पर पीछे बैठकर सवारी करने की अनुमति नहीं होगी।
साथ ही, स्कूली छात्रों के परिवहन, चिकित्सा आपात स्थिति और कुछ पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए छूट दी गई है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्दिष्ट श्रेणियों से परे छूट चाहने वाले किसी भी व्यक्ति को संबंधित पुलिस स्टेशन से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
इसने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों का पहला चरण गुरुवार को होगा, जिसमें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान निर्धारित है।

