नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। 18 अप्रैल को रात 8:30 बजे हुए दूरदर्शन और संसद टीवी पर प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर कांग्रेस नेता टीएन प्रथापन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह चुनाव आयोग को इस मामले में निष्पक्ष जांच करने और कानून सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दे।
याचिका में सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पीएम के इस संबोधन को अपने सभी प्लेटफॉर्म्स से हटाने का निर्देश दिए जाने की भी मांग की गई है।
प्रथापन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि चुनाव के सक्रिय माहौल के बीच विपक्षी दलों की आलोचना करने के लिए सरकारी निधि से चलने वाले टेलीविजन चैनलों का दुरुपयोग किया गया है। अपने संबोधन में पीएम ने विपक्षी दलों का नाम लेकर उनकी जो आलोचना की, वह राजनीतिक बयानबाजी के दायरे में आता है।
चुनावों के दौरान राजनीतिक बयान को पहुंचाने के लिए, सरकारी पैसे से चलने वाले मंचों का इस्तेमाल करना, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है, और यह ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम’ की धारा 123(7) के तहत एक ‘भ्रष्ट आचरण’ माना जाता है।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह प्रसारण उस वक्त किया गया था, जब केरल विधानसभा चुनाव के लिए ‘आदर्श आचार संहिता’ लागू थी, और इसलिए, इसे चुनावी लाभ के लिए सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग पर रोक लगाने वाले प्रावधानों का उल्लंघन माना जाए।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत भी दी गई थी, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

