जयपुर, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि राजस्थान में वैश्विक स्तर पर शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता है, जो दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित कर सकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सपना सामूहिक प्रयासों, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के माध्यम से साकार किया जा सकता है।
बिरला ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के साथ बुधवार को जयश्री पेरीवाल ग्लोबल स्कूल के नए परिसर का उद्घाटन किया।
दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने आधुनिक परिसर का दौरा किया और अत्याधुनिक कक्षाओं और सुविधाओं का जायजा लिया।
सभा को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि भारत का संविधान विश्वभर के लोकतंत्रों के लिए मार्गदर्शक है और लोकतंत्र को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
उन्होंने नागरिकों से तेजी से बदलते भारत के भविष्य को आकार देने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
वासुदेव देवनानी ने इस अवसर को महज एक भवन के उद्घाटन से कहीं अधिक बताया और इसे भारत के उज्ज्वल भविष्य के द्वार की शुरुआत बताया।
उन्होंने कहा कि यह परिसर ज्ञान के विकास के लिए अनुकूल वातावरण का प्रतीक है।
शिक्षा के व्यापक अर्थ पर जोर देते हुए देवनानी ने कहा कि यह केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि एक शक्तिशाली शक्ति है जो मानवीय क्षमता को जागृत करती है और व्यक्तियों को साधारण से असाधारण बनाती है।
भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत का जिक्र करते हुए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों का उल्लेख किया और कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से ज्ञान का वैश्विक केंद्र रहा है।
उन्होंने कहा कि सदियों से चुनौतियों के बावजूद, देश की ज्ञान परंपरा अटूट बनी हुई है। आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है और एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।
देवनानी ने छात्रों से आधुनिक शिक्षा प्राप्त करते हुए भारत की परंपराओं और मूल्यों से जुड़े रहने का आग्रह किया।
उन्होंने छात्रों को राष्ट्र निर्माण के लिए अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

