ईयू ने यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो का लोन मंजूर किया

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ब्रुसेल्स, 23 अप्रैल, (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) ने गुरुवार को यूक्रेन के लिए 90 बिलियन यूरो का लोन अंतिम रूप से मंजूर कर दिया है। ऐसा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने गुरुवार को बताया।

यूरोपीय परिषद ने कहा क‍ि यह लोन दिसंबर 2025 में यूरोपीय परिषद की ओर से पहले ही तय कर दिया गया था। इसका इस्तेमाल 2026 और 2027 में यूक्रेन की सबसे जरूरी बजट और रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इस लोन के साथ सख्त शर्तें भी जुड़ी हैं। यूक्रेन को कानून के शासन का पालन करना होगा, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाना भी शामिल है।

साइप्रस के वित्त मंत्री माकिस केरावनोस ने कहा कि इस लोन को लागू करने के लिए सभी जरूरी काम पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा क‍ि अब जल्द ही पैसे मिलना शुरू हो जाएंगे, जिससे यूक्रेन की जरूरी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यूरोपीय संघ यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है।

यह पैसा यूक्रेन की जरूरतों के हिसाब से धीरे-धीरे दिया जाएगा, जिसे यूक्रेन खुद तय करेगा।

काउंसिल के मुताबिक, इसमें से 30 अरब यूरो सामान्य आर्थिक मदद के तौर पर दिए जाएंगे, जिससे सरकार अपने जरूरी खर्च चला सके। बाकी 60 अरब यूरो रक्षा उद्योग के लिए दिए जाएंगे, जिससे हथियार और रक्षा सामान खरीदा जा सकेगा।

एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि यूक्रेन में शांति लाने की ईयू की रणनीति दो हिस्सों पर आधारित है—एक, यूक्रेन को मजबूत करना और दूसरा, रूस पर दबाव बढ़ाना। उन्होंने कहा क‍ि आज हमने दोनों दिशाओं में कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप पूरी तरह एकजुट होकर यूक्रेन के साथ खड़ा है।

साथ ही परिषद ने रूस पर 20वां प्रतिबंध पैकेज भी मंजूर किया है, जिससे उसकी युद्ध करने की क्षमता कम होगी।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टास के अनुसार, इस 90 अरब यूरो के लोन का खर्च ईयू खुद उठाएगा, और यूक्रेन को इसे वापस चुकाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि वह अभी कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 21 अप्रैल को एंटोनियो कोस्टा के साथ इस आर्थिक मदद को लेकर बातचीत भी की थी।

जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने मध्य पूर्व और खाड़ी देशों के साथ सुरक्षा समझौतों पर भी चर्चा की है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन का ड्रोन आधारित सुरक्षा सिस्टम काफी खास है और कई यूरोपीय देशों के साथ इस पर सहयोग शुरू हो चुका है।