भोपाल, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने 20.59 करोड़ की अवैध कमाई के मामले में आरोपी सुनील त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ चल रही जांच के तहत 20 अप्रैल को की गई।
आरोपी को विशेष पीएमएलए न्यायालय, भोपाल में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे आगे की पूछताछ के लिए 28 अप्रैल शाम 4 बजे तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
ईडी के अनुसार, सुनील त्रिपाठी ने जांच में सहयोग नहीं किया और एजेंसी द्वारा भेजे गए कई समन और ईमेल को नजरअंदाज किया। इससे पहले 1 अप्रैल को वडोदरा में उनके ठिकानों पर पीएमएलए धारा 17 के तहत तलाशी ली गई थी, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। साथ ही 9.36 लाख रुपए की बैंक जमा राशि को भी फ्रीज किया गया।
इस मामले में ईडी पहले ही कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच की शुरुआत भोपाल के हबीबगंज पुलिस स्टेशन और ईओडब्ल्यू भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों पर भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी के पूर्व सीईओ सुनील त्रिपाठी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने, निर्यात गतिविधियों की निगरानी करने और ‘अपराध से अर्जित आय’ उत्पन्न करने में अहम भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी बड़े पैमाने पर डेयरी उत्पादों में मिलावट कर रही थी और निर्यात की मंजूरी पाने के लिए एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसी, इंदौर को फर्जी लैब रिपोर्ट जमा करती थी। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर मिलावटी उत्पादों का निर्यात किया गया, जिससे लगभग 20.59 करोड़ रुपए की अवैध आय उत्पन्न हुई, जिसे विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर किया गया।
ईडी ने इस मामले में एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी करते हुए किशन मोदी और अन्य से जुड़ी करीब 20.59 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और इसमें मनी ट्रेल का पता लगाने, अन्य संपत्तियों की पहचान करने और इस पूरे मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों व संस्थाओं की भूमिका की जांच की जा रही है।

