कोलकाता, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान जारी है। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएससी) के नेताओं और उम्मीदवारों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और टीएमसी की सरकार बनने का दावा किया है।
बालीगंज विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने मतदान के बाद अपनी स्याही लगी उंगली दिखाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न इलाकों में मतदाताओं की भागीदारी काफी अच्छी है और बड़ी संख्या में लोग वोट डालने के लिए बाहर आ रहे हैं।
चंपदानी विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार अरिंदम गुइन ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ मतदान किया। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और उम्मीदवार चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दक्षिण कलकत्ता आर्य विद्यालय स्थित पोलिंग बूथ नंबर 126 पर अपना वोट डाला।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने मतदान प्रक्रिया को लेकर कहा कि अब तक सब कुछ ठीक चल रहा है और कोलकाता में मतदान जोरदार तरीके से हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि शांति बनाए रखने का श्रेय राजनीतिक दलों को जाता है, न कि केवल पैरामिलिट्री बलों को।
बगधा सीट से टीएमसी उम्मीदवार मधुपरना ठाकुर ने भी मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस सुचारू मतदान कराने में अच्छा काम कर रही है। साथ ही खासतौर पर युवा मतदाताओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें, क्योंकि हर वोट महत्वपूर्ण है।
इस दौरान कुछ जगहों से तनाव और विवाद की खबरें भी सामने आई हैं। भांगर से टीएमसी उम्मीदवार शौकत मोल्ला ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले रात में पुलिस द्वारा अत्याचार किए गए। उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने घर-घर जाकर दरवाजे तोड़े और लोगों के साथ मारपीट की, जिससे कई लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इसे मतदाताओं को डराने की कोशिश बताया, लेकिन कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद ममता ठाकुर ने भी आम मतदाताओं की तरह कतार में खड़े होकर मतदान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी समान हैं और उन्हें किसी विशेष सुविधा की आवश्यकता नहीं है।
वहीं, टीएमसी नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ के हर बूथ पर जाने का विरोध किया है। उनका आरोप है कि इस तरह की गतिविधियां मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती हैं।

