नोएडा श्रमिक आंदोलन: बच्चों की ‘अवैध’ गिरफ्तारी का आरोप, मानवाधिकार और बाल संरक्षण आयोग में याचिका दायर

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नोएडा, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। अधिवक्ता सुभाष चंद्रन की ओर से नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में याचिका दाखिल गई है।

इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई बच्चों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें अवैध तरीके से सलाखों में रखा गया है। इस तरह की स्थिति को अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

याचिका में हिरासत में रखे गए सभी युवकों और बच्चों की तुरंत रिहाई की मांग की गई है। साथ ही, इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। इसके अलावा, हिंसा के पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा भी देने की मांग की गई है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। साथ ही, याचिका में इस पूरे मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से उचित कदम उठाने की भी मांग की है और यह भी कहा कि इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा नहीं हो।

बता दें कि इससे पहले नोएडा में बड़ी संख्या में विभिन्न कंपनियों में काम करने वाले श्रमिकों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया था। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से वेतनवृद्धि को लेकर कहा था। श्रमिकों का कहना था कि मौजूदा समय में मिल रहा वेतन उनके लिए पर्याप्त नहीं है। इस वेतन से उन्हें जीवन यापन करने में परेशानी हो रही है। लिहाजा, उनके वेतन में इजाफा किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।

इस बीच, श्रमिकों का यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें बड़ी संख्या में सार्वजनिक संपत्तियों की क्षति भी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने इस हिंसा में संलिप्त सभी लोगों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की।

वहीं, इस विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए उनके वेतन में इजाफा करने का भी फैसला किया था।