हीट एग्जॉर्शन से हीट स्ट्रोक तक, आयुष मंत्रालय ने बताए गर्मी से बचाव के उपाय

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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। देशभर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में और भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। गर्मी की इस तपिश से लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं। मंत्रालय के अनुसार, गर्मी से होने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है, अगर सही समय पर सही कदम उठाए जाएं तो इनसे बचाव संभव है।

सबसे पहले तो भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच अपनी सेहत के प्रति लापरवाह न बनें। यदि अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो तुरंत किसी ठंडी जगह पर जाएं और पर्याप्त पानी पीकर खुद को अच्छी तरह हाइड्रेटेड रखें और अपने शरीर के तापमान पर नजर बनाए रखें और जरूरत महसूस होने पर बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लें।

गर्मी के बढ़ते प्रकोप में सबसे आम समस्या हीट एग्जॉर्शन या गर्मी से थकान और हीट स्ट्रोक है। अगर कोई व्यक्ति अचानक अस्वस्थ महसूस करने लगे, चक्कर आए, मांसपेशियों में ऐंठन हो, ज्यादा पसीना आए या पसीना आना बंद हो जाए, तो इसे गंभीर लक्षण माना जाना चाहिए। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट तुरंत कुछ जरूरी उपाय की सलाह देते हैं।

इसके लिए व्यक्ति को तुरंत ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं, शरीर का तापमान बार-बार जांचते रहें, इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, नमक-शक्कर का घोल, छाछ या ओरली रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) का सेवन करें। सादा पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स से शरीर को हाइड्रेट रखें। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें और डॉक्टर से संपर्क करें।

आयुष मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचें और घर के अंदर भी पर्याप्त वेंटिलेशन रखें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को गर्मी का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसलिए इनकी खास देखभाल की जरूरत है।