उत्तरकाशी में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो प्रधानाध्यापक निलंबित

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उत्तरकाशी, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। सीमांत जनपद उत्तरकाशी में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही, अनुपस्थिति और सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के मामलों में कई शिक्षकों व कर्मचारियों पर सख्त शिकंजा कसा है। जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने सुदूरवर्ती मोरी क्षेत्र में जनसुनवाई और विद्यालय निरीक्षण के बाद दो प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि एक अन्य शिक्षक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड मोरी के दूरस्थ क्षेत्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के साथ कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौणी में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक संतोष कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय सट्टा, गोरी में कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापक हरिचंद्र जनसुनवाई कार्यक्रम में भी उपस्थित नहीं हुए।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों विद्यालयों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत जारी धनराशि का धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया। विभाग ने प्रथम दृष्टया इसे सरकारी धनराशि के गबन का मामला मानते हुए दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इसी क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज दौणी, मोरी में औचक निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक एलटी व्यायाम जय सिंह कठैत भी अनुपस्थित मिले। जनप्रतिनिधियों और विद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों को बताया कि एक दिन पहले संबंधित शिक्षक का नेटवाड़ बाजार में शराब के नशे में होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और यमुनोत्री विधायक के निर्देश पर शिक्षक के निलंबन की संस्तुति की गई, जिस पर अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठडियार में कार्यरत शिक्षामित्र संजय कुमार विद्यालय समय में अवकाश प्रार्थना पत्र देकर विद्यालय छोड़कर चले गए। इस पर विभाग ने संबंधित शिक्षामित्र से स्पष्टीकरण तलब किया है। कार्यालय विकासखंड भटवाड़ी में कार्यरत परिचारक पंकज कुमार की लगातार अनुपस्थिति की शिकायत भी जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में आई है। विभाग ने उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने साफ कहा है कि यदि किसी भी विद्यालय या कार्यालय में शिक्षक अथवा कर्मचारी बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ निलंबन, सेवा समाप्ति अथवा अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मई माह में लगातार विद्यालयों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के सरकारी विद्यालयों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अनुशासन को लेकर सख्त संदेश गया है। लंबे समय से शिक्षकों की अनुपस्थिति, विद्यालयों में समय से न पहुंचने और विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिन पर अब विभाग ने सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने जनसुनवाई कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराईं। अभिभावकों ने कहा कि कई विद्यालयों में शिक्षक नियमित रूप से नहीं पहुंचते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ स्थानों पर विद्यालय भवनों और मरम्मत कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहां जिम्मेदार कार्मिकों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं की भी गहन जांच कराई जाएगी।

सूत्रों के अनुसार विभाग अब ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर रहा है, जहां शिक्षकों की उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता लगातार खराब पाई गई है। इन विद्यालयों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती के बाद जिले के शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर माहौल मिल सकेगा।