तेजपुर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। तनाव के बीच असम राइफल्स ने सोमवार को मणिपुर के सेनापति जिले के लियारोचिंग स्थित ज्वालामुखी गैरीसन में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के अध्यक्ष एनजी लोरहो के नेतृत्व में यूएनसी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता की। यह जानकारी गुवाहाटी में रक्षा पीआरओ ने दी।
रक्षा पीआरओ के मुताबिक, बैठक में क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, विशेष रूप से उखरुल क्षेत्र में जारी तनाव के मद्देनजर पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने शांति, स्थिरता और स्थानीय समुदायों के कल्याण को बनाए रखने के दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करते हुए रचनात्मक चर्चा की। वार्ता के दौरान असम राइफल्स ने सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संवाद और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने वाले वातावरण को प्रोत्साहित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक सकारात्मक और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ समाप्त हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी समझ बढ़ाने, तनाव को बढ़ने से रोकने और क्षेत्र में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति की दिशा में सहयोगात्मक रूप से काम करने का साझा संकल्प व्यक्त किया।
यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) मणिपुर में नागा जनजातियों का एक सर्वोच्च संगठन है, जो नागाओं के अधिकारों, उनकी पैतृक भूमि की सुरक्षा और नागा-बहुल क्षेत्रों में राजनीतिक मुद्दों के लिए काम करता है। यह संस्था भारत-म्यांमार सीमा पर फेंसिंग (बाड़ लगाने) और ‘मुक्त आवागमन व्यवस्था’ को समाप्त करने का विरोध करती है।
यूएनसी ने 2025 में म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने के सरकार के फैसले के विरोध में नागा-बहुल क्षेत्रों में ‘व्यापार प्रतिबंध’ की घोषणा की थी। यह संगठन भारत सरकार के साथ नागा राजनीतिक मुद्दों के हल के लिए बातचीत में शामिल रहता है, जिसमें 2015 का फ्रेमवर्क समझौता भी शामिल है। इसका प्रभाव मणिपुर के नागा-बहुल जिलों (जैसे सेनापति, चंदेल) में व्यापक है और यह अक्सर अपने निवासियों के लिए ‘बंद’ या विरोध प्रदर्शन का आह्वान करती है।
वहीं, मणिपुर के चार जिलों के कुकी बहुल इलाकों में बुधवार को हजारों लोगों ने रैलियां निकालीं। ये रैलियां उखरूल जिले के एक गांव में 24 अप्रैल को हुई गोलीबारी की घटना के खिलाफ निकाली गईं। गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी।

