चंडीगढ़, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेगी और सात राज्यसभा सांसदों (पंजाब के छह सांसद शामिल) के ‘अवैध’ और ‘गैरकानूनी’ दलबदल का मुद्दा उठाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कृत्य जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात हैं।
मुख्यमंत्री मान ने यहां मीडिया को बताया कि उन्हें राष्ट्रपति भवन से पुष्टि मिल गई है और 5 मई को हम भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और सात राज्यसभा सांसदों के अवैध और गैरकानूनी दलबदल का मुद्दा उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं।
पंजाब सरकार की मजबूती को दोहराते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राज्य सरकार को सभान के अंदर और बाहर दोनों जगह पूर्ण विश्वास प्राप्त है, जिससे फ्लोर टेस्ट की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती।
उन्होंने आगे कहा कि बजट सुचारू रूप से पारित हो गया है, और हर छोटा-बड़ा विधेयक फ्लोर टेस्ट में सफल रहा है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार सदन में पूर्ण बहुमत में है।
हाल ही में हुए रेलवे ट्रैक विस्फोट की घटना पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क में है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस घटना के आगे और पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है और इस अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि हरियाणा ने इस वर्ष अपने हिस्से के पानी का अधिक विवेकपूर्ण उपयोग किया है, जिससे विवादों को रोका जा सका है।
उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात के बाद पंजाब से खाद्यान्न की आवाजाही तेज कर दी गई है।

