मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को राज्य की बदलती राजनीतिक स्थिति, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की स्थिरता और राज्य में घटित विवादित और चर्चित मामलों पर अपना जवाब दिया।
मुख्यमंत्री उन्होंने कहा कि भाजपा अजित पवार गुट वाली एनसीपी का समर्थन जरूर करेगी, लेकिन उस पार्टी के नेताओं के लिए भाजपा के दरवाजे बंद रहेंगे।
सीएम एक स्थानीय टीवी चैनलों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, ”हम एनसीपी (अजित पवार गुट) को चलाने, संभालने और मजबूत करने के लिए हर जरूरी मदद देंगे, लेकिन उनकी पार्टी से किसी को भी भाजपा में शामिल नहीं किया जाएगा।”
2019 के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आए उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ”2019 में जो हुआ, वह समझ से परे था। उसके बाद अब किसी भी चीज पर हैरानी नहीं होनी चाहिए, राजनीति में अब कुछ भी संभव है।”
मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पार्टी में दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की भूमिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि एनसीपी अब धीरे-धीरे स्थिर हो रही है।
उन्होंने कहा, ”शुरुआत में एनसीपी के भीतर असमंजस की स्थिति थी। यह भी संदेह था कि नेतृत्व प्रभावी ढंग से काम कर पाएगा या नहीं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में पार्टी ने खुद को संभालना शुरू किया है और मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में यह पूरी तरह स्थिर हो जाएगी।”
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने अशोक खरात मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच सही तरीके से की जा रही है। उन्होंने सिर्फ वायरल तस्वीरों के आधार पर गिरफ्तारी की मांग को खारिज करते हुए कहा कि कानूनी कार्रवाई ठोस सबूतों के आधार पर ही होगी।
उन्होंने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हूं कि कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
टीसीएस से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गंभीर मामला है, लेकिन इस घटना में कंपनी की खुद की कोई गलती नहीं है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि एनसीपी से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अंधेरे में रखा गया।

