कोलकाता, 1 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के फायर सर्विसेज मंत्री सुजीत बोस आखिरकार शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए। यह मामला नगर पालिकाओं में हुई कथित भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए गए हैं।
सुजीत बोस को ईडी ने पहले भी कई बार पूछताछ के लिए समन भेजा था लेकिन वे तीन बार एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। उस समय उन्होंने बताया था कि वे विधानसभा चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।
बाद में उन्होंने इस मामले में राहत पाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। अदालत ने उन्हें चुनाव तक अस्थायी राहत दी थी लेकिन साफ कहा था कि चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें ईडी के सामने पेश होना ही होगा।
इसी आदेश का पालन करते हुए सुजीत बोस शुक्रवार सुबह ईडी के साल्ट लेक स्थित दफ्तर पहुंचे। उनके साथ उनके वकील भी मौजूद थे। हालांकि, कार्यालय के बाहर मीडिया ने उनसे सवाल करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और चुपचाप अंदर चले गए।
इस मामले में सिर्फ सुजीत बोस ही नहीं बल्कि राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष का नाम भी सामने आया है। उन्हें भी इसी भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले अक्टूबर 2023 में ईडी ने उनसे पूछताछ की थी और उनके घर पर छापेमारी भी की गई थी।
वहीं, जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में भी सुजीत बोस के घर और दफ्तर पर ईडी की टीम ने छापे मारे थे। इसके अलावा उनके कुछ करीबियों के ठिकानों की भी तलाशी ली गई थी।
सुजीत बोस तृणमूल कांग्रेस से तीन बार विधायक रह चुके हैं और इस बार वे उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर विधानसभा सीट से फिर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं रथिन घोष भी उसी जिले की मध्यमग्राम सीट से चुनाव मैदान में हैं। दोनों सीटों पर हाल ही में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।

