ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, ईवी बसों और नई सड़कों तक हुईं कई घोषणाएं

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ग्रेटर नोएडा, 2 मई (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में विकास, बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए नई सड़कों के निर्माण, ईवी बस सेवा शुरू करने, फ्लैट खरीदारों को राहत देने और अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बोर्ड ने 2026-27 के लिए 6048 करोड़ रुपये का संतुलित बजट पास किया, जिसमें आमदनी और खर्च बराबर रखा गया है। जमीन अधिग्रहण पर करीब 1150 करोड़ रुपये और निर्माण व विकास कार्यों पर 2176 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेक्टरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस वर्ष जल शुल्क में 10 प्रतिशत वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया गया है, जिससे निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

साथ ही बकाया जल बिल पर एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की गई है, जिसमें 30 जून तक 40 प्रतिशत, 31 जुलाई तक 30 प्रतिशत और 31 अगस्त तक 20 प्रतिशत ब्याज छूट दी जाएगी। प्राधिकरण ने 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किमी सड़क निर्माण को मंजूरी दी है। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड भी बनाई जाएगी, जिससे उद्योगों को सीधा फायदा होगा।

ईडब्ल्यूएस से लेकर 135 वर्गमीटर तक के फ्लैट आवंटियों के लिए ओटीएस योजना लागू की गई है। इसमें प्रीमियम और लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80% तक ब्याज छूट मिलेगी। इसके साथ ही सभी प्रकार की संपत्तियों की आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की गई है। वहीं पुलिस और फायर विभाग को 500 मीटर तक भूमि मुफ्त दी जाएगी। बैठक में परी चौक और आसपास के इलाकों को जाम मुक्त बनाने के लिए आईआईटी दिल्ली से ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार कराया जाएगा।

इसके अलावा इकोटेक-10 में 220 केवी का नया बिजलीघर बनाया जाएगा, जिससे उद्योगों और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर होगी। इस बैठक में बहुमंजिला इमारतों में आग से निपटने के लिए 102 मीटर ऊंचाई वाले दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने को मंजूरी दी गई है, जिस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही ओमिक्रॉन-1ए सेक्टर में एनडीआरएफ के लिए 30 फ्लैट किराए पर दिए जाएंगे, जिससे आपदा के समय त्वरित राहत संभव होगी।

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। यह सेवा फिलहाल छह महीने के लिए शुरू की जाएगी। लिगेसी प्रोजेक्ट नीति के तहत अब तक 40,570 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जिससे हजारों खरीदारों को राहत मिली है। प्राधिकरण ने कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ राजस्व भी बढ़ेगा।मेघालय सरकार को टेकजोन में 8000 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है, जहां मेघालय भवन बनाया जाएगा।

नॉलेज पार्क-5 में 350 बेड का ईएसआई अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों और स्थानीय निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले ग्रेटर नोएडा के बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, आवास, उद्योग और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता और निवेशकों दोनों को मिलेगा।

–आईएएनएस

पीकेटी/पीएम