वॉशिंगटन, 3 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने रविवार को कहा कि पिछले सप्ताह वाशिंगटन में हुए एक कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी में संदिग्ध का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करना था और यह हमला पहले से सोची-समझी योजना के तहत किया गया था।
पिरो ने कहा कि जांच में मिले फॉरेंसिक और वीडियो सबूत सीधे तौर पर इस हमले में संदिग्ध की भूमिका को दिखाते हैं, जिसमें एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी पर हमला भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि अधिकारी के बुलेटप्रूफ जैकेट से संदिग्ध के शॉटगन से निकला एक छर्रा (पैलेट) बरामद किया गया है।
पिरो ने इस हमले को जानबूझकर और योजना बनाकर किया गया कृत्य बताया।
उन्होंने कहा, ”यह एक पहले से तय, हिंसक हमला था, जिसका मकसद राष्ट्रपति (ट्रंप) और वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाना था।”
अमेरिकी अटॉर्नी के अनुसार, जांचकर्ताओं ने संदिग्ध की गतिविधियों और डिजिटल सबूतों के आधार पर मजबूत केस तैयार किया है।
उन्होंने कहा, ”जैसे ही राष्ट्रपति ने कहा कि वह व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के लिए हिल्टन होटल में आने वाले हैं, तभी उसने हमले की योजना बनानी शुरू कर दी।”
उन्होंने बताया कि संदिग्ध ने राष्ट्रपति की गतिविधियों पर नजर रखी और कार्यक्रम की पूरी जानकारी एकत्रित कर ली।
पिरो ने कहा, ”यह साफ है कि राष्ट्रपति (ट्रंप) ही उसके निशाने पर थे।”
उन्होंने यह भी बताया कि जांच में हथियार और अन्य उपकरण भी मिले हैं, जिससे पता चलता है कि वह बड़े हमले की तैयारी में था।
उनके अनुसार, संदिग्ध के पास शॉटगन, हैंडगन, चाकू और अन्य हथियार मौजूद थे।
अधिकारियों ने होटल के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए हैं, जिसमें संदिग्ध को होटल में घूमते और हथियार छिपाने के लिए कोट बदलते हुए देखा गया है।
पिरो ने कहा, ”वह तेजी से बाहर आता है और आगे बढ़ने की कोशिश करता है।”
उन्होंने बताया कि आगे और भी वीडियो सबूत जारी किए जाएंगे।
उन्होंने राजनीतिक अटकलों को भी खारिज करते हुए कहा कि यह मामला केवल सबूतों पर आधारित है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष को भरोसा है कि वे आरोपी की मंशा को अदालत में साबित कर देंगे।
उन्होंने कहा, ”यह व्यक्ति पागल नहीं है, वह पूरी तरह समझदार और स्पष्ट है।”
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद बड़े राजनीतिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था की फिर से समीक्षा की जा सकती है।

