सोल, 4 मई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने पिछली सरकार की ओर से उन पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जनता की राय और ध्यान से विचार-विमर्श की जरूरत पर बल दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को यह बात कही। सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपी) ने उन आरोपों को जांचने की मांग उठाई है जिसे कथित तौर पर पिछली सरकार ने मनगढ़ंत सबूतों के आधार पर गढ़ा था।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति के राजनीतिक मामलों के वरिष्ठ सचिव होंग इहक-प्यो ने एक प्रेस ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रपति का हवाला देते हुए यह बात कही। डीपी ने पिछले हफ्ते एक विधेयक पेश किया, जिसमें विशेष वकील (स्पेशल काउंसल) द्वारा जांच कराने का प्रस्ताव है।
बिल में एक स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। दरअसल, ली की पार्टी का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल सरकार के दौर में ली पर कई मामलों (जिसमें एक रियल एस्टेट डेवलपमेंट घोटाले से जुड़ा मामला भी) में गढ़े गए सबूतों के आधार पर आरोप तय किए गए।
पिछले साल जून में ऑफिस संभालने के बाद ली पर कई आरोपों में मुकदमा चल रहा था, जिसके बाद कार्रवाई रोक दी गई या अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई थी।
राष्ट्रपति बनने से पहले ली जे म्युंग विभिन्न आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे थे, लेकिन पिछले साल जून में पद संभालने के बाद कार्यवाही को स्थगित या अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया।
प्रस्तावित विधेयक के तहत विशेष वकील इन मामलों को अभियोजन से अपने हाथ में लेकर यह तय करेगा कि उन्हें आगे बढ़ाया जाए या नहीं। साथ ही, राष्ट्रपति को तीन सुझाए गए उम्मीदवारों में से विशेष वकील नियुक्त करने का अधिकार होगा।
विपक्षी सांसदों का कहना है कि यह विधेयक विशेष वकील को ली के खिलाफ मामलों को खत्म करने का आधार दे सकता है, और इसे उन्हें आरोपों से मुक्त करने की कोशिश बताया जा रहा है।
सोमवार को होंग ने बताया कि राष्ट्रपति ने डीपी से कहा है कि वह इस विधेयक के समय और प्रक्रिया पर “जनता की राय और सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श” के आधार पर निर्णय ले।
होंग ने इस प्रस्तावित विशेष जांच को “अनिवार्य” बताया और कहा कि संसदीय जांच में येओल कार्यकाल के दौरान “अवैध और अनुचित जांच” के संकेत मिले हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विशेष जांच की आवश्यकता को लेकर जनता में समझ बन चुकी है।

