अटलांटिक महासागर में ‘हंता वायरस’ का प्रकोप, क्रूज पर सवार तीन यात्र‍ियों की मौत, एक गंभीर

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जिनेवा, 4 मई (आईएएनएस)। अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर संदिग्ध ‘हंता वायरस’ के प्रकोप के बाद तीन लोगों की मौत हो गई है। यह जानकारी सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने दी।

‘एमवी होंडियस’ नाम का यह जहाज अर्जेंटीना से केप वर्डे जा रहा था, जिसमें लगभग 150 यात्री सवार थे। इस दौरान एक खतरनाक दुर्लभ बीमारी के मामले की पुष्‍ट‍ि हुई है और पांच अन्य संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

डब्‍ल्‍यूएचओ ने बताया कि वह इस घटना पर नजर रखे हुए है और मदद भी कर रहा है। कुल छह लोगों में संक्रमण की आशंका है, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका में आईसीयू में भर्ती है।

डब्‍ल्‍यूएचओ ने ‘एक्‍स’ पर कहा, “अटलांटिक महासागर में चल रहे एक क्रूज जहाज से जुड़ी इस घटना से हम वाकिफ हैं और मदद कर रहे हैं। अभी तक एक ‘हंतावायरस’ केस लैब में पुष्‍ट हुआ है और पांच अन्य संदिग्ध हैं। इन छह लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है और एक की हालत गंभीर है।”

संगठन ने यह भी बताया कि जांच अभी जारी है। मरीजों का इलाज चल रहा है और वायरस की जांच (सीक्वेंसिंग) भी की जा रही है ताकि इसके बारे में और जानकारी मिल सके।

‘हंतावायरस’ आमतौर पर चूहों या अन्य कृन्तकों से इंसानों में फैलता है, खासकर उनके पेशाब या मल के संपर्क में आने से। यह गंभीर सांस की बीमारी पैदा कर सकता है और बहुत ही कम मामलों में एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है।

यह बीमारी काफी गंभीर मानी जाती है और इसमें मरीज को करीबी निगरानी और सही इलाज की जरूरत होती है।

यह प्रकोप ‘एमवी होंडियस’ नाम के एक पोलर क्रूज जहाज पर सामने आया है, जिसे ‘ओशनवाइड एक्सपीडिशंस’ कंपनी चलाती है। जहाज ने 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से सफर शुरू किया था और चार मई को केप वर्डे पहुंचने वाला था।

इस जहाज की लंबाई लगभग 107.6 मीटर है और इसमें 170 तक यात्री रह सकते हैं। इसके अलावा, इसमें 57 क्रू मेंबर, 13 गाइड और एक डॉक्टर भी मौजूद होता है।

बीमार लोगों में एक 69 साल के ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं, जो इस समय जोहानेसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आईसीयू में भर्ती हैं।

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि वह अलग-अलग देशों और जहाज के ऑपरेटर के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि दो बीमार यात्रियों को तुरंत मेडिकल मदद के लिए दूसरे स्थान पर ले जाया जा सके और बाकी यात्रियों के लिए भी जोखिम का आकलन किया जा सके।

डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि वह इस मामले की जानकारी संबंधित देशों को दे चुका है और जल्द ही इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।