असम चुनाव में भाजपा के दिग्गजों की बड़ी जीत, कांग्रेस नेताओं के लिए बड़ा उलटफेर

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गुवाहाटी, 4 मई (आईएएनएस)। असम विधानसभा चुनावों में कई प्रमुख चेहरे प्रमुख विजेता और हारे हुए के रूप में उभरे, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कई भाजपा नेताओं ने शानदार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विपक्षी उम्मीदवारों को बड़े पैमाने पर एकतरफा मुकाबले में उल्लेखनीय हार का सामना करना पड़ा।

सबसे बड़े विजेताओं में से एक सीएम सरमा ने 89,434 वोटों के अंतर से अपनी जालुकबारी सीट बरकरार रखी और राज्य में अपना गढ़ मजबूत किया।

वरिष्ठ भाजपा नेता प्रद्युत बोरदोलोई (दिसपुर), विजय गुप्ता (गुवाहाटी सेंट्रल) और डिप्लू रंजन सरमाह (न्यू गुवाहाटी) ने भी ठोस जीत हासिल की। इसी तरह, पिजुष हजारिका (जगीरोड), जयंत मल्ला बरुआ (नलबाड़ी) और डॉ रनोज पेगु (धेमाजी) अन्य प्रमुख भाजपा नेताओं में से थे जो विजयी हुए।

पार्टी के प्रदर्शन को और मजबूत करते हुए भुबन पेगु (जोनाई), मनाब डेका (लखीमपुर) और भूपेन बोरा (बिहपुरिया) को भी शीर्ष विजेताओं में गिना गया, जो सभी क्षेत्रों में भाजपा के व्यापक समर्थन को रेखांकित करता है।

एजीपी के तपन दास (डिमोरिया) सहित सहयोगी दलों के नेताओं ने भी एनडीए के मजबूत प्रदर्शन में योगदान दिया। दूसरी ओर, चुनावों में कई हाई-प्रोफाइल हारें देखी गईं।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई जोरहाट से 23 हजार से अधिक वोटों से हार गए, जबकि वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया नाजिरा में हार गए।

क्षेत्रीय पार्टी असम जातीय परिषद (एजेपी) के प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई (खोवांग) और राजेन गोहेन (बरहामपुर) भी चुनाव में प्रभाव छोड़ने में असफल रहे। अन्य प्रमुख हारने वालों में कांग्रेस उम्मीदवार मीरा बोरठाकुर दिसपुर में हार गईं, जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार जयंत दास और एजेपी के कांकी चौधरी गुवाहाटी सेंट्रल में हार गए।

कांग्रेस नेता दिगंता बर्मन (बरखेत्री) और नंदिता दास (हाजो-सुआलकुची) भी अपनी सीटें हारने वालों में शामिल हैं।

कुल नतीजों से भाजपा के पक्ष में एक निर्णायक जनादेश सामने आया, जिसने विधानसभा की 126 सीटों में से 82 सीटें जीतीं। कांग्रेस 19 सीटों के साथ पीछे रही, जबकि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों ने 10-10 सीटें हासिल कीं।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) और रायजोर दल ने दो-दो सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) ने एक सीट जीतकर अपना खाता खोला।

इस शानदार जीत के साथ भाजपा असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है, जिससे इस पूर्वोत्तर राज्य में उसका दबदबा और मज़बूत हुआ है और विपक्ष को एक बड़ा झटका लगा है।