नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मुलाकात को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुलाकात से पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके साथ आने वाले प्रतिनिधिमंडल का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया जाना चाहिए, ताकि राष्ट्रपति भवन की गरिमा और सम्मान बनाए रखा जा सके।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने दावा किया कि पहले भी कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनुशासन से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए ऐसी स्थिति से बचाव जरूरी है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।”
तरुण चुघ ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है, तब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर कोई सवाल नहीं उठाता, लेकिन हार के बाद वही ईवीएम को दोष देने लगता है। उन्होंने राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता अपनी हार को स्वीकार करने के बजाय बहाने बनाते हैं। जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि केरल, हिमाचल प्रदेश या कर्नाटक जैसे राज्यों में जब विपक्ष जीतता है, तब ईवीएम को सही माना जाता है, लेकिन हार मिलने पर उसी पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने इसे जनता के फैसले का अपमान बताते हुए कहा कि यह भय की राजनीति की हार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भरोसे की जीत है।
वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों को महिलाओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह मां काली के आशीर्वाद का परिणाम है कि बंगाल की महिलाओं ने भय और आतंक के खिलाफ एकजुट होकर मतदान किया। उनके अनुसार यह परिणाम राज्य में सुशासन की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं ने अत्याचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई और लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी नेता महिलाओं की शक्ति का अपमान करता है, उसे जनता कड़ा जवाब देती है। उन्होंने एम.के. स्टालिन सहित अन्य नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान की अनदेखी करने वालों को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ता है।

