दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वोकेशनल टीचर्स के वेतन में वृद्धि की घोषणा की

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने वोकेशनल टीचर्स और समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों के वेतन में पर्याप्त वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

यह निर्णय विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों पर भी लागू होता है, जहां स्कूल छोड़ चुके या कभी स्कूल नहीं गए बच्चों को शिक्षा प्रणाली में वापस लाया जाता है।

मुख्यमंत्री ने विवरण देते हुए बताया कि दिल्ली में लगभग 1,131 वोकेशनल टीचर्स, जो विभिन्न विषयों में कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, अब 20,000-23,000 रुपए के बजाय 38,100 रुपए प्रति माह प्राप्त करेंगे।

इसी प्रकार, समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 784 केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन 21,000 रुपए से बढ़ाकर 35,420 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि ये केंद्र स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा में पुनः प्रवेश के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि संशोधित वेतन के बाद समग्र शिक्षा के शिक्षक अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के बराबर वेतन पा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक वित्तीय निर्णय नहीं है, बल्कि उन शिक्षकों के समर्पण और कड़ी मेहनत की पहचान है जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा के दायरे में लाने के लिए काम करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस वेतन वृद्धि से शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ उनका मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रेरित और संतुष्ट शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की कुंजी हैं।

सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में कोई भी बच्चा शिक्षा व्यवस्था से वंचित न रह जाए।

उन्होंने कहा कि विशेष प्रशिक्षण केंद्र उन बच्चों के लिए जीवन रेखा हैं जो कभी स्कूल नहीं गए या जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया है। उन्हें मुख्यधारा में वापस लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस प्रयास में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने नियमित निगरानी, ​​अभिभावकों की काउंसलिंग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से इन केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार के लिए जारी प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य केवल बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराना नहीं है, बल्कि उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा में निरंतर सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है, और वेतन वृद्धि इसी दिशा में एक और कदम है।