‘मेरा इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए हुआ’, तृणमूल कांग्रेस पर मनोज तिवारी का जुबानी हमला

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कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और तृणमूल कांग्रेस के नेता रहे मनोज तिवारी ने पार्टी नेताओं पर कई आरोप लगाए हैं।

तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को फेसबुक पर साझा एक वीडियो पोस्ट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के खेल राज्य मंत्री तिवारी ने अपने सीनियर मंत्री अरूप बिस्वास पर काम न करने देने का आरोप लगाया। तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल को ‘बेइज्जती और अपमान’ से पहचाना गया।

मनोज तिवारी ने अपने मंत्री पद को एक लॉलीपॉप बताते हुए कहा कि चुनावी सफलता के बावजूद, उन्हें बिना किसी काम के अधिकार के एक रस्मी भूमिका तक सीमित कर दिया गया।

तिवारी ने कहा, “2021 में चुनाव जीतने के बाद जब मुझे राज्य मंत्री बनाया गया, तो मैंने सोचा था कि मैं इस विभाग में बहुत विकास और सुधार ला पाऊंगा। लेकिन मैंने देखा कि अरूप बिस्वास वहां कोई अच्छा काम नहीं होने देंगे। चाय और बिस्किट के अलावा, खेल मंत्रालय में मेरा कोई काम नहीं था।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि लियोनल मेसी का आन पश्चिम बंगाल में फुटबॉल के लिए एक अहम पल था, लेकिन इवेंट में कुप्रबंध की वजह से मेसी कुछ ही मिनटों में वहां से चले गए। इस नतीजे के कारण आखिरकार अरूप बिस्वास को कुछ समय के लिए इस्तीफा देना पड़ा।

मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर इवेंट का बायकॉट किया था, क्योंकि उन्हें किसी बड़ी मुसीबत का अंदेशा था।

उन्होंने कहा, “आप सबने मेसी वाला मामला देखा। मुझे पहले से पता था कि माहौल कैसा था। हर स्टेज पर वे मेरी बेइज्जती करते थे। मुझे ठीक से स्टेज पर नहीं बुलाते थे। फाइनल पुरस्कार सेरेमनी के दौरान भी, मैं ग्राउंड में गया था, लेकिन उन्होंने जानबूझकर मुझे नहीं बुलाया। वे मेरी मौजूदगी भी बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। बार-बार उन भावनाओं को महसूस करते हुए, मैं समझ गया कि अगर मैं वहां जाता रहा, तो वे बार-बार मेरी बेइज्ज़ती करेंगे। इसीलिए, जब मेसी वाला मामला हुआ, मैं ग्राउंड में नहीं गया। मुझे पता था कि इस तरह की घटना होने वाली है।”

तिवारी ने कहा, “अरूप बिस्वास की वजह से हमारे राज्य और पूरे भारत में फुटबॉल लवर्स मेसी को ठीक से देख नहीं पाए, क्योंकि मेसी पांच मिनट में ही चले गए। इतना बड़ा मौका सिर्फ अरूप बिस्वास की वजह से बर्बाद हो गया।”

बंगाल के पूर्व कप्तान ने कहा कि राज्य के युवाओं को फायदा पहुंचाने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों का इस्तेमाल करने की उनकी कोशिशों को अस्वीकार कर दिया गया।

तिवारी ने जमैका के स्प्रिंटिंग लेजेंड और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट योहान ब्लेक को पश्चिम बंगाल में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने के लिए एक विशेष प्रस्ताव का जिक्र किया। इस प्रस्ताव के लिए 700 करोड़ रुपये के कुल खेल बजट में से 5 करोड़ रुपये के मामूली निवेश की जरूरत थी, लेकिन इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “मैं इस प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री के पास भी गया था, लेकिन उन्होंने मुझे अरूप बिस्वास से बात करने की सलाह दी। इससे मेरा दिल पूरी तरह टूट गया था।”

खेल राज्य मंत्री ने कहा, “राज्य में आधुनिक खेल नीति के न होने से प्रतिभाओं का पलायन हुआ है। प्रतिभाशाली खिलाड़ी दूसरे राज्यों की तरफ से खेलने को मजबूर हैं। शुरुआत में मुझे लगा था कि तृणमूल कांग्रेस दूसरे एथलीटों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देगी जिससे उन्हें उन मुश्किलों का सामना न करना पड़े जिनका सामना मुझे अपनी तरक्की के दौरान करना पड़ा था। अब उन्हें लगता है कि मेरी प्रतिष्ठा का इस्तेमाल सिर्फ चुनावी फायदे के लिए किया गया।”

बता दें कि मनोज तिवारी ने इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे। उन्होंने टिकट के बदले पार्टी द्वारा 5 करोड़ मांगे जाने का आरोप लगाया था।