सोनीपत, 8 मई (आईएएनएस)। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (जेजीएलएस), ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए ‘प्री-लॉ मूटिंग और एडवोकेसी में ईमानदार ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह अपने तरह का भारत का पहला रेजिडेंशियल समर प्रोग्राम है।
14 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम हाई स्कूल छात्रों को कानूनी शिक्षा की इंटरडिसिप्लिनरी नींव से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम एक कठोर, अनुभवात्मक और बौद्धिक रूप से समृद्ध शिक्षण वातावरण प्रदान करेगा।
सात दिवसीय रेजिडेंशियल कार्यक्रम का आयोजन ईमानदार (वकालत, बातचीत, विवाद निर्णय, मध्यस्थता और समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय मूटिंग अकादमी)में किया जाएगा, जो जेजीयू परिसर के भीतर स्थित है और दुनिया की सबसे बड़ी अकादमिक मूट कोर्ट सुविधाओं में से एक का घर माना जाता है।
भारत में प्री-लॉ शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी पहल के रूप में तैयार किया गया यह कार्यक्रम एडवोकेसी, क्रिटिकल थिंकिंग, लीगल रीजनिंग, डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन, पब्लिक स्पीकिंग, एथिक्स और लीडरशिप डेवलपमेंट को एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक अनुभव के रूप में जोड़ता है।
यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूल छात्रों को एडवोकेसी, संवैधानिक मूल्यों, कानूनी तर्क, नेतृत्व और वैश्विक कानूनी शिक्षा से परिचित कराना है।
विशिष्ट फैकल्टी सदस्यों, कानूनी विद्वानों, एडवोकेसी ट्रेनर्स और प्रैक्टिशनर्स द्वारा तैयार और संचालित यह कार्यक्रम भविष्य के कानूनी विचारकों, सार्वजनिक नेताओं और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिकों की नई पीढ़ी तैयार करने का लक्ष्य रखता है। इसका पाठ्यक्रम पारंपरिक मूटिंग और कोर्टरूम सिमुलेशन से आगे बढ़कर छात्रों को विश्लेषणात्मक, संचार और समस्या-समाधान कौशल से लैस करेगा, जो आज विभिन्न पेशों और क्षेत्रों में अत्यंत आवश्यक बन चुके हैं।
ऐसे समय में जब क्रिटिकल थिंकिंग, एथिकल लीडरशिप और प्रभावी संवाद कौशल लगभग हर पेशे में आवश्यक जीवन कौशल बन चुके हैं, ईमानदार समर प्रोग्राम युवा छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश से पहले ही कानून, न्याय, सार्वजनिक तर्क और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास करता है।
वैश्विक स्तर पर एसटीईएम, उद्यमिता और नेतृत्व से जुड़े समर प्रोग्राम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन भारत में स्कूल छात्रों के लिए संरचित प्री-लॉ शिक्षा के अवसर अब भी बेहद सीमित हैं। ईमानदार पहल इसी कमी को दूर करने की दिशा में कदम है, जो युवा छात्रों को एडवोकेसी, संवैधानिक सोच, नैतिक तर्क और सार्वजनिक विमर्श से परिचित कराएगी।
जेजीएलएस का ईमानदार ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम छात्रों को मूटिंग, लीगल रीजनिंग, नेगोशिएशन और लीडरशिप डेवलपमेंट में एक इमर्सिव रेजिडेंशियल अनुभव प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के लॉन्च पर बोलते हुए जेजीयू के संस्थापक कुलपति और जेजीएलएस के संस्थापक डीन सी राज कुमार ने कहा, “आज कानूनी शिक्षा केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है। इसके लिए बौद्धिक जिज्ञासा, क्रिटिकल थिंकिंग, नैतिक जागरूकता, प्रभावी संवाद कौशल और जटिल सामाजिक चुनौतियों के साथ सार्थक रूप से जुड़ने की क्षमता की आवश्यकता होती है। ईमानदार समर प्रोग्राम को इन्हीं बुनियादी क्षमताओं के शुरुआती प्रवेशद्वार के रूप में तैयार किया गया है, ताकि युवा छात्र कानून को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि न्याय, लोकतांत्रिक भागीदारी, सार्वजनिक नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन के माध्यम के रूप में समझ सकें। इमर्सिव लर्निंग, मेंटरशिप, एडवोकेसी ट्रेनिंग और अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति के माध्यम से यह कार्यक्रम छात्रों को विचारशील, स्पष्ट वक्ता और वैश्विक दृष्टिकोण वाले भविष्य के नेता बनने के लिए प्रेरित करेगा।”
कार्यक्रम के व्यापक महत्व पर बात करते हुए जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की एग्जीक्यूटिव डीन दीपिका जैन ने कहा, “मेरा मानना है कि ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं के लिए वास्तव में परिवर्तनकारी और समृद्ध अनुभव साबित होगा। यह बौद्धिक जिज्ञासा को बढ़ावा देता है, आत्मविश्वास विकसित करता है और छात्रों को आलोचनात्मक तथा स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता प्रदान करता है। तर्क और एडवोकेसी का यह शुरुआती अनुभव छात्रों को ऐसे कौशल देगा, जो केवल कानून तक सीमित नहीं रहेंगे। चाहे वे भविष्य में कोई भी करियर चुनें, यह अनुभव उन्हें प्रभावी संवाद, सूचित निर्णय लेने और समाज में सार्थक योगदान देने में मदद करेगा।”
जेजीएलएस को क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग (विषयवार) 2026 में वैश्विक स्तर पर 35वीं रैंक मिली है और उसने लगातार सातवें वर्ष भारत के नंबर-1 लॉ स्कूल का स्थान बरकरार रखा है।
ईमानदार समर प्रोग्राम को अकादमिक गहराई और व्यावहारिक प्रशिक्षण के संतुलन के साथ तैयार किया गया है। इसमें प्रतिभागियों को निम्नलिखित क्षेत्रों में बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा:
एडवोकेसी और पब्लिक स्पीकिंग
क्रिटिकल थिंकिंग और लीगल रीजनिंग
मूट कोर्ट तकनीक और कोर्टरूम एटीकेट
नेगोशिएशन, मेडिएशन और अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन
लीगल एथिक्स और प्रोफेशनल रिस्पॉन्सिबिलिटी
रिसर्च, आर्ग्युमेंटेशन और केस एनालिसिस
कार्यक्रम की सबसे खास विशेषताओं में से एक ‘ग्रैंड मूट कोर्ट’ होगा, जिसमें प्रतिभागी विशेषज्ञ पैनल के सामने सिम्युलेटेड मूट कोर्ट कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। छात्रों को कोर्टरूम एडवोकेसी, कानूनी तर्क-वितर्क और संरचित विवाद समाधान का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा, साथ ही फैकल्टी और प्रशिक्षित विशेषज्ञों से विस्तृत फीडबैक और मेंटरशिप भी प्राप्त होगी।
यह कार्यक्रम छात्रों को भारत के प्रमुख वैश्विक विश्वविद्यालयों में से एक के कैंपस जीवन का अनुभव करने का भी अवसर देगा। जेजीयू का अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण, इंटरडिसिप्लिनरी शिक्षण पद्धति और विविध छात्र समुदाय नवाचार, समावेशिता, आलोचनात्मक सोच और वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा देता है।
इंस्टीट्यूशनल आउटरीच के एग्जीक्यूटिव डीन और लॉ एडमिशन के सीनियर डायरेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा ने कहा, “ईमानदार समर प्रोग्राम भारत और दुनिया में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जहां एक शीर्ष वैश्विक लॉ स्कूल कक्षा 9-12 के छात्रों के लिए अपने द्वार खोल रहा है और उन्हें मूटिंग तथा एडवोकेसी का प्रशिक्षण दे रहा है। इससे ऐसे कानून अभ्यर्थियों की नई पीढ़ी तैयार होगी, जो कानूनी करियर को लेकर उत्साहित और प्रतिबद्ध हों। हर वह स्कूल छात्र जो 12वीं के बाद लॉ स्कूल में प्रवेश लेना चाहता है, उसे जेजीएलएस में आयोजित इस एक सप्ताह के शिक्षण कार्यक्रम पर विचार करना चाहिए। यह उनके लिए कानून और कानूनी पेशे की आजीवन यात्रा की शुरुआत साबित हो सकता है।”

