मुंबई, 8 मई (आईएएनएस)। ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के पहले दो छंदों का विरोध नहीं करना चाहिए।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि इस गीत को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए। हम पहले दो छंदों के खिलाफ नहीं हैं। मैंने बार-बार कहा है कि मुझे ‘वंदे मातरम’ से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, मैं पूरे ‘वंदे मातरम’ का पाठ करके मुसलमानों को जान-बूझकर भड़काने की कोशिश का विरोध करता हूं।
उन्होंने कहा कि जो गीत आरएसएस की शाखाओं में गाया जाता है, हर किसी को इसका विरोध करना चाहिए। हालांकि, किसी को भी ‘वंदे मातरम’ के पहले दो छंदों का विरोध नहीं करना चाहिए। अगर कोई मुसलमान इनका विरोध करता है, तो वह गलत है। मैं देवी-देवताओं का जिक्र करने वाले पूरे गीत को गाने के भी खिलाफ हूं।
दलवई ने कहा कि सबसे पहले तो, इसमें दो ऐसे छंद हैं, जिनमें किसी भी देवी का कोई जिक्र नहीं है। इन दो छंदों को ही राष्ट्रगीत के तौर पर स्वीकार किया गया है। मौलाना आजाद, खान अब्दुल गफ्फार खान और कई अन्य मुस्लिम नेता ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए जेल गए थे। इसलिए, ‘वंदे मातरम’ के पहले दो छंदों का विरोध करना गलत होगा। लेकिन, ये लोग जान-बूझकर इसमें अगले तीन छंदों को भी शामिल कर रहे हैं। यह पूरी तरह से गलत है। यह मुसलमानों के खिलाफ है और पूरे देश के खिलाफ है। देश इस बात पर सहमत है कि ‘वंदे मातरम’ उसी रूप में रहेगा, जिस तरह इसे मूल रूप से स्वीकार किया गया था।
ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मेरी राय में यह गलत है कि ऑटो ड्राइवरों से तो मराठी जानने की उम्मीद की जाए, लेकिन अधिकारियों से नहीं। यह काफी हैरानी की बात है। महाराष्ट्र आने के बाद लोगों को यहां की भाषा सीखनी चाहिए। उन्हें मराठी आनी चाहिए।
दलवई ने पश्चिम बंगाल को लेकर कहा कि भाजपा के लोग ही बेहतर बता सकते हैं कि कौन उनका सीएम फेस होगा। लेकिन, जिस तरह से यह सरकार सत्ता में आई है, उसे संभालना मुश्किल है। बंगाल के लोग आए हुए नतीजों पर यकीन नहीं करते। बंगाल में लोगों को लगता है कि हर बार गुंडागर्दी का इस्तेमाल किया जाता है। उनका मानना है कि चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में रखकर वे देश पर राज कर सकते हैं। यह बिल्कुल गलत है। ममता बनर्जी इसके खिलाफ लड़ रही हैं, और राहुल गांधी ने भी कहा है कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए हमें राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होना चाहिए, और इसके खिलाफ एक बड़ा आंदोलन होना चाहिए।
केरल कांग्रेस के भीतर मतभेदों की खबरों पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि कोई आंतरिक कलह नहीं होगी। आलाकमान द्वारा लिया गया फैसला सभी नेताओं को स्वीकार्य होगा।

