ममता बनर्जी इस्तीफा देती हैं या नहीं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, नए सीएम कल शपथ लेंगे: हर्ष वर्धन श्रृंगला

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कोलकाता, 8 मई (आईएएनएस)। राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस्तीफा देती हैं या नहीं, क्योंकि नए मुख्यमंत्री शनिवार को शपथ लेंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए श्रृंगला ने कहा कि इसका कोई महत्व नहीं है, क्योंकि सरकार का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। यह स्वतः ही समाप्त हो गया है और संविधान के अनुसार, वह अब मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी।

उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह और शपथ लेने की प्रक्रिया कल होगी। उसके बाद से ही नई सरकार काम करना शुरू कर देगी। अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप इस्तीफा देते हैं या नहीं। हालांकि, राज्य में इतने बड़े अंतर से हारने के बाद, हमें उम्मीद है कि आप गरिमा के साथ इस्तीफ़ा देंगे और सम्मानपूर्वक अपना पद छोड़ देंगे।

राजनीतिक परंपरा पर सवाल उठाते हुए श्रृंगला ने कहा कि क्या देश के इतिहास में कभी किसी ने ऐसा कहा है कि सत्ता गंवाने के बाद भी वे पद नहीं छोड़ेंगे? चाहे कांग्रेस हो, भाजपा हो या कोई अन्य पार्टी, जो भी हारा, उसने मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया। केरल में भी, हार के तुरंत बाद नेताओं ने इस्तीफा दे दिया था। तो फिर सत्ता से क्यों चिपके रहना? देश में ऐसी कोई राजनीतिक संस्कृति नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि विकास-उन्मुख और जन-केंद्रित नीतियां कल से ही आकार लेना शुरू कर देंगी। श्रृंगला ने कहा कि विकास-उन्मुख और जन-केंद्रित नीतियां कल से ही आकार लेना शुरू कर देंगी, जो कि अत्यंत हर्ष का विषय है। मैं भी उत्तर बंगाल से ही हूं और इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

इस बीच, ममता बनर्जी अब आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बन गई हैं। यह स्थिति तब बनी जब राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने की घोषणा की। इसका यह भी अर्थ है कि उनके नेतृत्व वाली पिछली राज्य कैबिनेट भी स्वतः ही समाप्त हो गई है।

राज्यपाल ने गुरुवार शाम को यह घोषणा की। हालांकि, अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर, उन्होंने अभी भी ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री’ का पदनाम बरकरार रखा है।

बता दें कि चुनावी नतीजे के बाद 5 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम ममता ने कहा था कि वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने की परंपरा का पालन नहीं करेंगी, क्योंकि उन्हें लगता था कि आधिकारिक नतीजे असल जनमत को नहीं दर्शाते हैं। इस तरह उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह न तो पूरे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार स्वीकार कर रही हैं और न ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपनी निजी हार।

भवानीपुर में उन्हें शुभेंदु अधिकारी ने 15,000 से ज्यादा वोटों से हराया था।