सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा पश्चिम बंगाल: संजय उपाध्याय

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मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ेगा और राज्य में नई प्रगति का दौर शुरू होगा।

संजय उपाध्याय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशभर में लागू की गई गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब पश्चिम बंगाल के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार तुष्टीकरण की राजनीति से दूर रहकर काम करेगी और हिंदू हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होगी।

संजय उपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रभावित रहा, लेकिन अब राज्य में बदलाव की उम्मीद दिखाई दे रही है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार विकास, सुशासन और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करेगी। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य के विकास को नई दिशा देगा और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

वहीं, भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर पंजाब में हुए धमाके की घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाए, यह दावा करते हुए कि धमाके के पीछे भाजपा के सदस्य थे। मैं इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। मेरी समझ से परे है कि कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी बार-बार देश के सशस्त्र बलों पर संदेह क्यों करती हैं। वे सेना और सरकार से बार-बार सबूत की मांग क्यों करते रहती हैं?

इसके अलावा, केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी संजय उपाध्याय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस को जनादेश मिला है और वहां मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मामला है। भाजपा या वह व्यक्तिगत रूप से इससे कोई संबंध नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्वयं तय करेगी कि वह किसके नेतृत्व में सरकार बनाना चाहती है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में सामूहिक नेतृत्व की भावना कमजोर रही है और यही कारण है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अक्सर आंतरिक कलह देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह चरित्र लंबे समय से रहा है और केरल में भी इसी प्रकार की स्थिति सामने आ रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस और गुटबाजी की राजनीति पार्टी की पुरानी समस्या रही है, जिसका असर सरकार गठन की प्रक्रिया पर भी दिखाई देता है।

इसी बीच, शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल में मिली जीत एक सकारात्मक घटनाक्रम है और नए मुख्यमंत्री के कार्यभार संभालने के साथ ही राज्य में विकास का नया दौर शुरू होगा।

वाघमारे ने कहा कि लंबे समय तक पश्चिम बंगाल को पिछड़े राज्य के रूप में देखा जाता रहा, लेकिन अब राज्य प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा विकास के एजेंडे पर राजनीति करती है और आने वाले समय में राज्य में बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।