बेंगलुरु, 10 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी चुनावी हार के लिए ‘पूरी दुनिया’ को दोषी ठहराती है और यह सब उसकी अकड़ की वजह से है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने तमिलनाडु में अपने सहयोगी डीएमके को भी धोखा दिया है।
बेंगलुरु में एचएएल एयरपोर्ट के पास एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जहां एक तरफ भाजपा चुनावी जीत हासिल कर रही है, वहीं कांग्रेस (जिसके पास करीब 40 साल पहले 400 से ज्यादा सीटें थीं) पिछले तीन लोकसभा चुनावों में 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है। हालांकि कांग्रेस और उसके समर्थकों की अकड़ इतनी ज्यादा है कि वे अपनी हार के लिए पूरी दुनिया को दोषी ठहराते हैं।”
पीएम मोदी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “वे संविधान, लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और अदालतों को दोषी ठहराते हैं। अपने राजनीतिक करियर में मैंने किसी भी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी को ऐसा बर्ताव करते कभी नहीं देखा। वे हार में इतने गहरे डूब चुके हैं कि उनके पास अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के अलावा कोई और चारा ही नहीं बचा है।”
उन्होंने कहा, “भाजपा सरकारों के लिए लोगों का कल्याण ही सब कुछ है। 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। हमारा नारा है ‘सबका कल्याण’, और हमारा मॉडल है ‘सुशासन’। यही वजह है कि लोग भाजपा को दूसरी और तीसरी बार भी अपनी सेवा करने का मौका दे रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “राज्यों में कांग्रेस की सरकारें दूसरी बार सत्ता में वापस नहीं आ पातीं। सत्ता में आने के एक साल के अंदर ही उनके खिलाफ लोगों में नाराजगी शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कांग्रेस सिर्फ धोखा देना जानती है। उनकी ‘गारंटियां’ भी झूठी होती हैं। कांग्रेस पार्टी की किताब में ‘सुशासन’ नामक कोई अध्याय ही नहीं है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कर्नाटक में भी हम पिछले तीन सालों से यही देख रहे हैं। लोगों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय, इस सरकार का ज्यादातर समय अपनी अंदरूनी कलह को सुलझाने में ही बीत गया। कोई नहीं कह सकता कि मुख्यमंत्री कब तक सत्ता में बने रहेंगे या किसी दूसरे नेता को मौका मिलेगा या नहीं। उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।”
पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ यही नहीं, मैंने देखा कि तमिलनाडु में चुनाव प्रक्रिया के दौरान दिल्ली में बैठा उनका इकोसिस्टम देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। 4 मई को नतीजे आने के बाद भी अब तक केरल में सरकार नहीं बन सकी है।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “यह इकोसिस्टम केरल के मामले में चुप रहता है। उन्हें खुद नहीं पता कि उनके पास पांच साल के लिए दो मुख्यमंत्री होंगे या हर साल एक-एक करके पांच मुख्यमंत्री होंगे। वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस अपने ही नेताओं से वादे करने के बाद उन्हें धोखा देती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ऐसा ही किया। कर्नाटक में भी यही खेल चल रहा है और केरल में भी वे यही कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में यह जानकर आपको हैरानी होगी कि वहां क्या हो रहा है। वे ऐसे मामलों को मीडिया में आने नहीं दे रहे हैं। वे अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “तेलंगाना में भी हालात ऐसे हैं कि किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया जा रहा है। जहां भी कांग्रेस सत्ता में होती है, वहां या तो तुष्टीकरण की राजनीति के लिए सरकारी खजाने को लूटा जाता है या फिर लूटे हुए पैसे को लेकर आपस में झगड़ा होता है। कांग्रेस की पहचान एक धोखेबाज पार्टी के तौर पर बन गई है और इसीलिए, जब भी उसे मौका मिलता है, वह अपने ही नेताओं को धोखा देती है। इसीलिए कहा जाता है कि ऐसा कोई नहीं है जिसे कांग्रेस ने धोखा न दिया हो। तमिलनाडु में कांग्रेस के डीएमके के साथ 30 सालों से मजबूत रिश्ते थे। डीएमके के साथ गठबंधन की वजह से ही कांग्रेस सत्ता में बनी रही।”
उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार डीएमके के समर्थन से ही चल पाई थी। लेकिन हुआ क्या? इतने लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों के बावजूद और डीएमके के हमेशा कांग्रेस पार्टी के हित में काम करने के बावजूद, जैसे ही सत्ता का पलड़ा बदला, कांग्रेस ने मौका मिलते ही डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया।

