अयोध्या, 10 मई (आईएएनएस)। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर के विकास कार्यों के बारे में रविवार को विस्तार से जानकारी दी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सबसे पहले राम मंदिर के शिखर पर लाइट लगाना प्राथमिकता है। हैवेल्स की टीम आई है। सबसे पहले तार बिछाने का काम किया जाएगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है। शहीद स्तंभ का निर्माण 15 जून तक पूरा हो जाएगा। अब केवल वही टोली रहेगी, जिसको देखरेख करना है।
उन्होंने बताया कि अभी स्थानों पर लोग जा रहे हैं। मैंने कल खुद देखा कि कुबेर टीला पर लोग थे। सप्त मंदिर में लोग मौजूद थे। अब दर्शन करना बहुत सरल हो गया है। अभी चार किलो मीटर की बाउंडी वॉल बनने के लिए एक वर्ष का वक्त लगेगा। हमारी कोशिश है कि इस वर्ष उसको भी पूरा कर लिया जाए। एक ऑडिटोरियम, विश्राम गृह और ट्रस्ट के कार्यालय को सुरक्षा परिसर से बाहर रखा गया है। उसका निर्माण करना है।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि सरयू नदी के तट पर बनने वाले म्यूजियम पर अब हमारा ध्यान है। हमारी कोशिश है कि इसको भी जल्द से जल्द पूर्ण कर लिया जाए।
हनुमान गैलरी के संचालन को लेकर उन्होंने कहा कि 20 गैलरी में एक गैलरी हनुमान जी की है। आईआईटी मद्रास ने इसको पूर्ण किया है। निर्णय लिया गया है कि म्यूजियम में एक गैलरी इस प्रकार की होगी कि लोगों को मंदिर में भ्रमण करने का अनुभव होगा। इस गैलरी में सभी मंदिरों के दर्शन होंगे। आज के तकनीक के तहत इस काम को किया जाएगा। अगर अनुमति मिलेगी तो ड्रोन की भी सहायता ली जाएगी।
29 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अप्रैल को राम मंदिर परिसर में शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया था। इस दौरान सीएम ने कहा था कि महापुरुषों को जातीय आधार पर बांटना ‘महापाप’ है। सीएम ने कहा कि राम, कृष्ण और शिव के संदेश ही भारत की एकता की आधारशिला हैं और इन्हें कमजोर करने का प्रयास समाज के लिए घातक है।

