मुंबई, 10 मई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने नासिक टीसीएस मामले और तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने पर प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं।
नासिक टीसीएस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, “हमारी पार्टी का उद्देश्य हमेशा निर्दोष और पीड़ितों के साथ खड़ा रहना रहा है। अगर निदा खान की जगह कोई हिंदू बहन होती, तो हम उसे निर्दोष मानते। मैं हमेशा निर्दोषों और कानून के साथ खड़ा रहा हूं।”
वारिस पठान ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि सभी को कानून के नियमों का पालन करना चाहिए। अब निदा खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला विचाराधीन है। क्या आप जानते हैं कि कानून क्या कहता है? किसी भी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि अदालत द्वारा उसे दोषी साबित नहीं कर दिया जाए। अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने तक कोई भी व्यक्ति निर्दोष होता है। एक मुकदमे के जरिए एक लड़की को आतंकवादी घोषित कर दिया गया है।”
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, “हम लंबे समय से मुसलमानों के खिलाफ इस तरह के अत्याचार देखते आ रहे हैं। मुसलमानों के खिलाफ सिर्फ नफरत फैलाई जा रही है। हम इसे हर दिन देखते हैं। अभी भी पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार देख रहे हैं। भाजपा, टीएमसी या कोई अन्य पार्टी जो इस तरह की हिंसा में शामिल है, उसे रोकना केंद्र सरकार के प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
मंत्री संजय शिरसाट द्वारा टीसीएस मामले में एआईएमआईएम की भूमिका की जांच की मांग पर वारिस पठान ने कहा, “मामला विचाराधीन है और अदालत में लंबित है। पूरा मीडिया एक तरह से मुकदमा चला रहा है और उन्हें आतंकवादी करार दे रहा है। यह सरासर गलत है। कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि अदालत में उसे दोषी साबित न कर दिया जाए।”
वहीं, वारिस पठान ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी।
इससे पहले वारिस पठान ने कहा था, “हर कोई जानता है कि बंगाल में क्या हो रहा था, वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। मैं बंगाल में मौजूद था, क्योंकि हमारी पार्टी वहां 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी।”

