Thursday, June 25, 2026
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कर्नाटक भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना, समानांतर मतदाता पुनरीक्षण पर शिकायत

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बेंगलुरु, 25 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा ने गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए उस पर समानांतर, अनधिकृत और परस्पर विरोधी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया चलाने का आरोप लगाया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश शेषराघवाचार, भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वसंत कुमार, बेंगलुरु उत्तर जिला अध्यक्ष एस. हरीश और बेंगलुरु मध्य जिला अध्यक्ष सप्तगिरि गौड़ा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु के के.आर. सर्किल स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचकर शिकायत सौंपी।

शिकायत सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में चलावादी नारायणस्वामी ने कहा कि निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पहले से ही मतदाता सूची में दर्ज दोहरे नामों की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चला रहा है।

उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज है तो उन प्रविष्टियों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह मतदाता भाजपा, कांग्रेस या किसी अन्य दल से जुड़ा है। प्रत्येक व्यक्ति को मतदाता सूची में केवल एक वैध प्रविष्टि का अधिकार है।”

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित तौर पर मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने को लेकर उठ रही आशंकाओं पर नारायणस्वामी ने कहा कि ऐसे सभी मुद्दों का समाधान निर्वाचन आयोग के निर्धारित ढांचे के भीतर होना चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब निर्वाचन आयोग स्वयं एसआईआर प्रक्रिया चला रहा है, तो फिर राज्य निर्वाचन आयोग बेंगलुरु के 27 वार्डों में समान प्रकार की कवायद कैसे शुरू कर सकता है? इसे किसने अनुमति दी? निर्वाचन आयोग की सहमति के बिना इस तरह की प्रक्रिया चलाना पूरी तरह गलत है।”

नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार राज्य निर्वाचन आयोग को प्रभावित कर रही है।

उन्होंने कहा, “यह सब कांग्रेस सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग, निर्वाचन आयोग से ऊपर नहीं हो सकता। दुर्भाग्य से एसईसी राज्य सरकार की कठपुतली बनता नजर आ रहा है। यह स्वीकार्य नहीं है।”

उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को तत्काल वापस लिया जाए और मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य केवल निर्वाचन आयोग की निगरानी में ही किया जाए।

उन्होंने कहा, “एसआईआर प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की देखरेख में ही होनी चाहिए। मतदाताओं के बीच अनावश्यक भय और भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। पुनरीक्षण प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। कांग्रेस सरकार बेवजह लोगों में डर और भ्रम पैदा कर रही है।”

नारायणस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि यह प्रक्रिया जारी रही तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “हमने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार को शिकायत सौंप दी है। साथ ही इसकी प्रति निर्वाचन आयोग को भी भेजी जा रही है। यदि यह सिलसिला जारी रहता है तो राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अब हम निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे और उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे।”