नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को मेट्रो से यात्रा की और कहा कि यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ईंधन की खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लागू करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है।
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी मेट्रो यात्रा का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सभी मंत्रियों ने दृढ़ संकल्प के साथ इसका कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। मैं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करुंगा या केवल आवश्यकता पड़ने पर एक सरकारी वाहन का उपयोग करुंगा। आज सुबह दिल्ली मेट्रो की यात्रा।”
मंत्री का यह बयान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ईंधन के उपयोग को कम करने और मंत्रियों, विधायकों व सरकारी अधिकारियों के बीच सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल की घोषणा के एक दिन बाद आया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल बचाने और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।”
उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण अपील को ध्यान में रखते हुए, विभागीय कार्यों के लिए वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया गया है। मैं, मेरे सभी मंत्रिमंडल सहयोगी, भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक, जन प्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी और सभी विभाग आवश्यकतानुसार न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे और कार पूलिंग तथा सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।”
ऊर्जा संरक्षण को राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “पूरी प्रतिबद्धता” के साथ काम कर रही है।
रेखा गुप्ता ने कहा, “मैं दिल्ली के सभी निवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रधानमंत्री के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में शामिल हों।”
ये अपीलें प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में भाजपा द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक बैठक में दिए गए भाषण के बाद की गई हैं, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को देखते हुए नागरिकों से ईंधन बचाने के उपाय अपनाने का आग्रह किया था।

