नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने एक तेज और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश से जुड़े एक मामले का खुलासा किया है। इस मामले में कोतवाली थाना और एएटीएस उत्तरी जिला की संयुक्त टीम ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती शिकायत में सामने आया था कि एक व्यक्ति पर उसके ही घर में गोली चलाई गई थी, लेकिन जांच में यह मामला पूरी तरह से साजिश निकला।
घटना 10 मई 2026 की रात करीब साढ़े दस बजे की है। शिकायतकर्ता अविनाश कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि वह दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कूचा बुलाकी बेगम, साइकिल मार्केट इलाके में अपने किराए के मकान में मौजूद था। उसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और उसने पिस्तौल दिखाकर धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने दो से तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली अविनाश कुमार की दाईं जांघ को छूकर निकल गई। घायल अवस्था में उसे उसके बेटे द्वारा एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और क्राइम टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे और दो कारतूस बरामद किए। इसके आधार पर कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति शिकायतकर्ता के घर से निकलता हुआ दिखाई दिया, जो बाद में एक ऑटो में बैठकर फरार हो गया। पुलिस ने उस ऑटो के रूट का पीछा करते हुए आईएसबीटी कश्मीरी गेट तक सुराग जुटाए, लेकिन आगे का पता नहीं चल सका। इसके बाद लगभग दो सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की गई, जिसके आधार पर पुलिस सुनहरी मस्जिद इलाके तक पहुंची। वहां स्थानीय लोगों की मदद से संदिग्ध की पहचान से जुड़ी जानकारी मिली।
आगे की जांच में पुलिस को उस ऑटो का नंबर मिला, जिसमें संदिग्ध ने यात्रा की थी। ऑटो चालक से पूछताछ में पता चला कि उसने संदिग्ध को मॉनेस्ट्री मार्केट से बैठाया था। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस एक सफेद स्कॉर्पियो कार तक पहुंची, जिसका इस्तेमाल इस घटना में किया गया था। यह वाहन हरियाणा के सोनीपत निवासी दीपक के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने एक अन्य आरोपी लोकेश दहिया की पहचान की और दोनों की भूमिका स्पष्ट हो गई।
इसके बाद 15 मई 2026 की सुबह पुलिस टीम ने सोनीपत के कुंडली इलाके से लोकेश दहिया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर उसी दिन कुछ घंटों बाद दीपक कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों की निशानदेही पर स्कॉर्पियो कार और घटना में इस्तेमाल हथियार से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसके घर से एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन और 14 कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा पांच मोबाइल जब्त किए गए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा मामला असल में एक सोची-समझी साजिश थी। अविनाश कुमार किराए के मकान में रह रहा था और मकान मालिक से उसका विवाद चल रहा था। मकान खाली कराने को लेकर तनाव बढ़ने पर उसने खुद को गोली मारकर झूठा मामला बनाने की योजना तैयार की। उसका उद्देश्य मकान मालिक पर दबाव बनाकर समझौता करना और उससे बड़ी रकम वसूलना था। योजना के तहत उसके साथियों ने इसमें मदद की और घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

