वाशिम, 17 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के वाशिम में एक 47 वर्षीय व्यक्ति को एक बेरोजगार युवक से सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करके 1.73 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी की पहचान रमेश रामकृष्ण नवघारे के रूप में हुई है। स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) की जांच में पंचायत समिति के पद से संबंधित फर्जी भर्ती आश्वासनों से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद उसे हिरासत में लिया गया।
वाशिम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता से वाशिम पंचायत समिति में पीटीओ (पैनल तकनीकी अधिकारी) के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था। भर्ती प्रक्रिया में अपना प्रभाव होने का दावा करते हुए, नवघारे ने कथित तौर पर पीड़ित से कई बार पैसे वसूले।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने स्थायी सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में आरोपी को कुल 1.73 लाख रुपए दिए थे। भर्ती प्रक्रिया को असली बताकर पीड़ित को आश्वस्त करने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर करंजा पंचायत समिति द्वारा जारी किया गया नियुक्ति पत्र सौंप दिया था।
हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा नियुक्ति विवरण की जांच करने पर संदेह उत्पन्न हुआ, क्योंकि उसे दिए गए दस्तावेजों में विसंगतियां मिली थीं। बाद में की गई पूछताछ से पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी था और ऐसी कोई आधिकारिक भर्ती हुई ही नहीं थी।
धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
आरोपों को गंभीरता से लेते हुए वाशिम पुलिस और एलसीबी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के ठिकाने के बारे में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नवघरे को वाशिम के एक होटल परिसर से हिरासत में लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित मामला दर्ज किया गया है।
जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आरोपी ने इसी तरह के तौर-तरीकों का इस्तेमाल करके अन्य नौकरी चाहने वालों को भी धोखा दिया था। अधिकारियों ने बताया कि चल रही जांच के तहत आरोपी से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

