ओमप्रकाश राजभर का सपा पर बड़ा हमला, बोले- पीडीए की आड़ में सिर्फ ‘यादव’ ढूंढना बंद करें अखिलेश

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लखनऊ, 18 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने सपा के पीडीए को ‘पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने पीडीए की आड़ में सिर्फ ‘यादव’ ढूंढना बंद करना चाहिए।

अखिलेश यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर राज्य सरकार पर हमलावर है। वे इस मुद्दे पर 20 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसका विषय ‘पीडीए ऑडिट, आरक्षण की लूट’ रखा गया है। अखिलेश यादव ने एक ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भाजपा पीडीए के आरक्षण की लूट का गैंग है।”

ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “लगता है कि अखिलेश यादव का हाल एकदम ठीक नहीं है। हम उनसे सवाल पूछते हैं और वो साधु संतों को गोली देते हैं। हम अपनी बात का जवाब देते हैं और वो साधु-संतों को इसमें घसीटते हैं। आप और आपके लोग बात-बात पर साधु-संतों को गाली देना बंद करें। अभी तो कम दुर्गति हुई है, आगे आप लोगों को बड़ा श्राप भोगना पड़ेगा।”

मंत्री राजभर ने पोस्ट में आगे लिखा, “अखिलेश यादव, अब तो आप विपक्ष में हैं, ज्यादातर फ्री ही रहते होंगे। पुराने दिनों को याद कीजिए और 2013 के उस वाले कांड का पर्दाफाश कर दीजिए कि कैसे आपने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर एक ऐसे व्यक्ति को बिठा दिया था, जो हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी था। और हैरान करने वाली बात ये है कि ये काम आपने 80 से अधिक योग्य उम्मीदवारों के साथ छल करके किया था। मगर, आपकी इस ढीठता भरी नियुक्ति को 14 अक्टूबर 2015 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने ‘अवैध’, ‘मनमाना’ और संविधान के अनुच्छेद 316 का उल्लंघन बता दिया था।”

राजभर ने कहा, “नियुक्तियों में हेराफेरी वाली आपकी सरकार के दौरान बड़े-बड़े कारनामे किए हैं। आपका फॉर्मूला इतना हिट रहा कि 86 में से अकेले 56 यादव एसडीएम बन गए थे? आप लोग क्या-क्या कुचक्र रचते थे।”

ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हाथ जोड़कर निवेदन है कि हमें भी बता दीजिए वो वाला सीक्रेट, जिससे हम राजभर, चौहान, निषाद, बिंद, केवट, मल्लाह, कश्यप, प्रजापति, पाल, लोहार, बढ़ई, कहार, धीमर, कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, धोबी, सैनी और सभी बहुजन जातियों के लड़के भी एसडीएम बन सकें। अखिलेश आप अपने पीडीए यानी ‘पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश’ की आड़ में सिर्फ ‘यादव’ ढूंढना बंद करिए।”