जम्मू-कश्मीर : क्राइम ब्रांच ने रिटायर्ड सीनियर इंजीनियर के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

0
6

श्रीनगर, 18 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार को कोर्ट में एक रिटायर्ड सीनियर इंजीनियर के खिलाफ जालसाजी और सबूत मिटाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की।

आरोपी जम्मू और कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का सुपरिटेंडेंट इंजीनियर था और अब रिटायर्ड हो चुका है। एक बयान में कहा गया है कि क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्रीनगर की कोर्ट में दर्ज एफआईआर में धारा 420, 467, 468, 471 और 201 के तहत, जम्मू और कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के तत्कालीन इंचार्ज सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि जम्मू और कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के तत्कालीन इंचार्ज सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के सर्विस रिकॉर्ड में जन्मतिथि में हेरफेर का आरोप लगाने वाली एक लिखित शिकायत मिलने के बाद, पुलिस स्टेशन क्राइम ब्रांच कश्मीर (अब इकोनॉमिक ऑफेंस विंग कश्मीर) में जांच शुरू की गई थी।

बयान में बताया गया कि जांच में पता चला कि आरोपी ने गलत तरीके से सर्विस के फायदे पाने के लिए अपने आधिकारिक सर्विस रिकॉर्ड में अपनी जन्मतिथि को 28-10-1955 से बदलकर 28-10-1958 कर दिया था।

इस हेरफेर की पुष्टि एफएसएल श्रीनगर की वेरिफिकेशन रिपोर्ट से हुई। आरोपी ने सबूत छिपाने के लिए अपनी असली सर्विस बुक भी नष्ट कर दी, जिसके चलते उस पर आरपीसी की धारा 201 लगाई गई।

इस मामले में जांच पूरी हो गई है और आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। इसलिए, न्यायिक फैसले के लिए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।

बयान में एक चेतावनी भी दी गई है, जिसमें आम जनता को सलाह दी गई है कि वे आर्थिक जालसाजों से सावधान रहें और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी सीधे एसएसपी ईओडब्ल्यू कश्मीर, क्राइम ब्रांच जम्मू और कश्मीर को दें।

बयान में यह भी कहा गया है कि आर्थिक धोखाधड़ी के शिकार लोग अपनी शिकायतें आधिकारिक ईमेल पर भी भेज सकते हैं। जम्मू और कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच विंग खास तरह के अपराधों और आर्थिक अपराधों की विशेष जांच करती है, जिनके लिए खास विशेषज्ञता और समर्पित जांच की जरूरत होती है।