कोलकाता, 18 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को मेधावी छात्रों के लिए ‘विवेकनंद मेरिट छात्रवृत्ति’ शुरू करने की घोषणा की और कहा कि पश्चिम बंगाल की शिक्षा प्रणाली अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप कार्य करेगी।
कोलकाता के धानो धन्य सभागार में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के शीर्ष छात्रों के लिए आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए अपनी सरकार की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि नवगठित सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने का निर्णय पहले ही ले लिया है और जोर देकर कहा कि योग्य छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में वित्तीय बाधाओं को आने नहीं दिया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार, राज्य के शिक्षा ढांचे के आधुनिकीकरण के प्रयासों के तहत सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक विद्यालय को पीएम श्री परियोजना के अंतर्गत लाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण के माध्यम से स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं और उन्नत पुस्तकालय विकसित किए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत आम लोग सरकारी शिक्षा प्रणाली पर निर्भर हैं, फिर भी बुनियादी ढांचे और प्रतिस्पर्धा के मामले में यह निजी संस्थानों से पिछड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि इसलिए वर्तमान सरकार सरकारी संस्थानों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सुधार पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित निजी शिक्षण संस्थानों को भी संदेश दिया। उन्होंने निजी शैक्षणिक पहलों के प्रति सरकार के समर्थन का उल्लेख करते हुए प्रवेश और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शुल्क वसूलते समय आम परिवारों के लिए मुश्किलें पैदा न करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षण संस्थानों से राजनीतिक प्रभाव को दूर करने और विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता प्रदान करने को प्राथमिकता देगी।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त भागीदारी के माध्यम से एक उचित शैक्षणिक वातावरण का निर्माण किया जाएगा।

