ईंधन और एलपीजी आपूर्ति के बारे में सच बताए सरकार : अशोक गहलोत

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जयपुर, 19 मई (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को राज्य सरकार पर ईंधन की कथित कमी की स्थिति को लेकर जनता को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार को सच सामने रखना चाहिए, ताकि लोग खुद को तैयार कर सकें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक इंतजाम कर सकें।

गहलोत ने आरोप लगाया कि जोधपुर के कुछ हिस्सों से ईंधन और एलपीजी की कमी की खबरें आ रही हैं, और उन्होंने राज्य सरकार पर संकट के इस समय में जनता से असली स्थिति छिपाने का आरोप लगाया।

एक बयान में, गहलोत ने कहा कि जोधपुर से आए कई लोगों ने, जिन्होंने उनके आवास पर उनसे मुलाकात की, उन्हें बताया कि कई ईंधन स्टेशनों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सीमित मात्रा में की जा रही है, जबकि कई पेट्रोल पंपों पर कथित तौर पर ईंधन पूरी तरह से खत्म हो गया है।

गहलोत ने दावा किया, “जोधपुर से जयपुर की यात्रा करने वाले लोगों को तीन से चार बार ईंधन भरवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि पेट्रोल पंप कथित तौर पर एक बार में 1,000 रुपए से ज्यादा का ईंधन देने से मना कर रहे हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में लगातार कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध नहीं हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक कथित तौर पर यह कह रहे हैं कि उन्हें ईंधन की आपूर्ति सीमित करने के मौखिक निर्देश मिले हैं। उन्होंने कहा, “इसकी वजह से पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।”

जोधपुर के लगभग 40 प्रतिशत पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म होने की खबरों का जिक्र करते हुए, गहलोत ने कहा कि सरकार को ‘जनता को गुमराह करने’ से बचना चाहिए और इसके बजाय असली स्थिति को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने रखना चाहिए।

गहलोत ने कहा, “यह संकट का समय है। झूठ बोलने और भ्रम फैलाने के बजाय, सरकार को सच बताना चाहिए ताकि लोग खुद को तैयार कर सकें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बिना पुष्टि वाली जानकारी और अफवाहों के फैलने से जनता के बीच घबराहट और अफरा-तफरी मच सकती है।