जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने मचैल माता यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

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श्रीनगर, 19 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुलू ने मंगलवार को वार्षिक मचैल माता यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में मचैल माता यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए की गई विस्तृत व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने संबंधित मंडल और जिला प्रशासनों द्वारा वार्षिक मचैल माता यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के संचालन के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह यात्रा इस वर्ष अगस्त में किश्तवाड़ के पहाड़ी क्षेत्र में शुरू होने वाली है।

इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीडब्ल्यूडी) और प्रधान सचिव (गृह) के अलावा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के महानिदेशक; मंडलायुक्त (जम्मू); आईजीपी (जम्मू); उपायुक्त (किश्तवाड़); एसएसपी (किश्तवाड़); प्रबंध निदेशक (जेपीडीसीएल); मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट संपर्क) और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने इस वर्ष तीर्थयात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इसमें ग्रामीण विकास विभाग को सौंपे गए स्वच्छता उपायों के साथ-साथ संबंधित विभागों द्वारा जल आपूर्ति, बिजली, चिकित्सा सुविधाओं, परिवहन प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित व्यवस्थाएं भी शामिल थीं।

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर पिछले वर्ष हुई आपदा की घटना के बाद जारी किए गए निर्देशों के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने ऑनलाइन और आरएफआईडी-आधारित पंजीकरण प्रणालियों की शुरुआत, आपदा शमन पहल, रियल टाइम में मौसम अलर्ट के लिए स्वचालित वर्षा गेज (एआरजी) और स्वचालित मौसम स्टेशनों (एडब्ल्यूएस) की स्थापना, तथा पूरी यात्रा अवधि के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के विकास जैसे उपायों का विस्तृत मूल्यांकन किया।

जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने बैठक में अवगत कराया कि श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को देखते हुए किश्तवाड़ मुख्यालय, गुलाबगढ़, चिशोटी और मचैल सहित विभिन्न स्थानों पर ठहरने की व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

सरकारी आवास, निजी रहने की सुविधाएं, होमस्टे और टेंट वाले आवासों को बढ़ाया जा रहा है, साथ ही तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए मचैल में एक खास ‘टेंट सिटी’ भी बनाई जा रही है।

भीड़ को संभालने और तीर्थयात्रियों की रियल-टाइम निगरानी पर खास जोर दिया गया, जिसके लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आरएफआईडी-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू किए गए हैं।

इस बैठक के दौरान डिविजनल कमिश्नर ने तीर्थयात्रियों की आवाजाही की रोजाना निगरानी, ​​संवेदनशील जगहों पर जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की तैनाती, और यात्रा के बेहतर प्रबंधन के लिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करने की व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।

तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन रास्ते के उन हिस्सों में भूस्खलन से बचाव के उपाय भी कर रहा है, जहां इसका ज्यादा खतरा है, और वहां निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है।

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे कड़ी निगरानी रखें और यात्रा के दौरान मौसम से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा ने ट्रैफिक और परिवहन प्रबंधन की उन विस्तृत योजनाओं के बारे में जानकारी दी, जिन्हें वाहनों की सुचारू आवाजाही और जरूरत पड़ने पर सड़क संपर्क की समय पर बहाली सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।

उन्होंने बैठक में बताया कि खास पार्किंग क्षेत्र बनाए जा रहे हैं, ट्रैफिक की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है, और आपातकालीन वाहनों के लिए बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्य सचिव ने यात्रा के लिए चिकित्सा तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि रास्ते के मुख्य स्थानों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवाएं, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।

यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी और जरूरी दवाइयों का भी इंतजाम किया जा रहा है। बैठक में इस साल की यात्रा के लिए पीने के पानी की आपूर्ति, बिना रुकावट बिजली, संचार सुविधाएं, स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे जरूरी सेवाओं की कुशल आपूर्ति सुनिश्चित करने और यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण बनाए रखने के लिए आपस में मिलकर काम करें।

मुख्य सचिव ने इस साल मचैल माता यात्रा के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया।