भारत और फिनलैंड भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे, जलवायु परिवर्तन में संबंध मजबूत करेंगे: पीएम मोदी

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ओस्लो, 19 मई (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नॉर्वे के ओस्लो में फिनलैंड के समकक्ष पेटेरी ओर्पो के साथ बैठक की। इसमें द्विपक्षीय संबंधों के लिए नए जुड़ाव के मौकों पर चर्चा की गई।

मीटिंग के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, “फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से मिलकर बहुत खुशी हुई। इस साल भारत और फिनलैंड के बीच बहुत सारे कार्यक्रम हुए हैं। पीएम ओर्पो खुद एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आए थे। आज हमारी मीटिंग का मकसद दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देना है।”

उन्होंने कहा, “हमने 6जी, एआई, शिक्षा, न्यूक्लियर ऊर्जा और दूसरे भविष्य के क्षेत्र में साथ काम करने की बात की। हमने जलवायु परिवर्तन, सर्कुलर इकॉनोमी, सतत विकास और दूसरे क्षेत्र में जुड़ाव को और गहरा करने पर भी बात की।”

विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेताओं ने यह भी घोषणा की कि भारत और फिनलैंड मिलकर सितंबर 2026 में गांधीनगर, गुजरात, भारत में वर्ल्ड सर्कुलर इकॉनमिक फोरम होस्ट करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने उद्योग, रिसर्च संस्थान और एकेडेमिया के बीच सहयोग को मजबूत करने की अहमियत पर जोर दिया।

उन्होंने भविष्य की आर्थिक ग्रोथ और विकास को आगे बढ़ाने में सस्टेनेबिलिटी और डिजिटलाइजेशन की अहम भूमिका पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, डिजिटलाइजेशन, एआई, 5जी/6जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, सस्टेनेबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी, इनोवेशन, शिक्षा, मोबिलिटी और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग का जायजा लिया।

दोनों पक्षों ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सामान और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार में लगातार बढ़ोतरी का भी स्वागत किया और 2030 तक मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, “फिनलैंड ने तकनीकी क्षेत्र की बढ़ोतरी और इनोवेशन में भारतीय प्रोफेशनल्स के अहम योगदान की सराहना की।”

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच अच्छे, दोस्ताना और कई तरह के संबंध हैं, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। फिनलैंड यूरोपीय संघ और नॉर्डिक क्षेत्र में भारत का एक अहम साझेदार है। दोनों नेताओं ने भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की तरक्की पर खुशी जताई और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के जल्द लागू होने की अहमियत पर जोर दिया।”