पीएम मोदी ने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में निवेश बढ़ाने का दिया निमंत्रण

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नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ओस्लो में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में अपने निवेश बढ़ाने का निमंत्रण दिया।

पीएम मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक के बाद एक्स पर लिखा, “ओस्लो में मेटे फ्रेडरिकसेन के साथ मेरी सार्थक बैठक हुई। भारत और डेनमार्क की दोस्ती ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जल संसाधन, स्वच्छ ऊर्जा, शिपिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। आने वाले वर्षों में फिनटेक, उद्योग, रक्षा, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का सहयोग देखने को मिल सकता है। मैंने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में अपना निवेश बढ़ाने का निमंत्रण भी दिया है।”

पीएम मोदी ने कहा, “हम दोनों इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हमारी अर्थव्यवस्थाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और संयुक्त एजेंडे में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों नेताओं ने भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत हुई प्रगति का स्वागत किया, जिसमें पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग और दोनों देशों में हरित परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयासों को प्राथमिकता दी गई है।”

मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी ने तेजी से विकसित हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था में हरित समाधान के लिए डेनमार्क की तकनीकों का स्वागत करने की भारत की तत्परता भी जताई।

विदेश मंत्रालय ने बताया, “जल क्षेत्र में नेताओं ने वाराणसी में स्मार्ट लेबोरेटरी ऑन क्लीन रिवर्स (एसएलसीआर) की स्थापना के लिए भारत और डेनमार्क के सफल सहयोग का उल्लेख किया। यह भारत सरकार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और डेनमार्क सरकार की एक अनोखी त्रिपक्षीय पहल है। नेताओं ने मोबिलिटी पार्टनरशिप पर भी चर्चा की।”

दोनों नेताओं ने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों, संचार, उन्नत शोध, स्टार्टअप और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग को और मजबूत करने का भी फैसला किया।

उन्होंने रक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा की। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने डेनमार्क की कंपनियों को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी गिफ्ट सिटी में अपनी मौजूदगी स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।