भोपाल, 20 मई (आईएएनएस)। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पूर्व सैनिकों ने बुधवार को बाइक रैली निकाली। रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूर्व सैनिक संगठन ने शौर्य स्मारक से डीजीपी कार्यालय तक रैली निकालकर मामले की निष्पक्ष जांच और दूसरी पोस्टमार्टम की मांग उठाई। रैली के दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि यह रैली केवल न्याय की मांग नहीं, बल्कि समाज को एकजुटता का संदेश देने के लिए भी आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि हम पहले डीजीपी कार्यालय जाएंगे। इसके बाद वहां से राजभवन और फिर मुख्यमंत्री आवास तक जाएंगे।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि ट्विशा को न्याय मिले इसके लिए आज हम बाइक रैली निकाल रहे हैं। हम लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि हम उनके साथ हैं। हम संबंधित अधिकारियों को यह जानकारी देने जा रहे हैं कि ऐसा हो रहा है, कृपया इसमें हमारी मदद करें। इस मामले में कोर्ट में आज सुनवाई भी होनी है और हमें उम्मीद है कि कोई सकारात्मक फैसला आएगा। यह हर किसी का अधिकार है। दूसरी पोस्टमार्टम होनी ही चाहिए।
मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिक श्याम श्रीवास्तव ने बताया कि डीजीपी के प्रतिनिधि से मुलाकात कर मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख में निष्पक्ष जांच की मांग की।
श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि मैंने अनिल कुमार शर्मा से मुलाकात की थी। उनको हमने अपनी मांगें विस्तार से बताईं। एक-एक पॉइंट पर उनसे चर्चा हुई। उनके अपने विचार थे और हमारे अपने। पूरी चर्चा हुई। उनका कहना था कि पोस्टमॉर्टम के लिए भी वे यही सोच रहे थे कि ऐसा नहीं करना चाहिए। हमने उन्हें विस्तार से बताया कि हम ऐसा क्यों चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने हमें पूर्ण आश्वासन दिया कि यदि हम यहीं पर जांच करा लेते हैं, तो वे हमें यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे परिवार के सदस्यों को जांच के हर चरण में शामिल किया जाए। जांच की जो भी प्रक्रियाएं होंगी, उन सबमें परिवार के सदस्यों को साथ लेकर किया जाएगा और उन्हें पूरी तरह संतुष्ट किया जाएगा। मेरा यह भी मानना है कि यदि डीजी साहब इस केस की जांच की जिम्मेदारी स्वयं लें तो निश्चित रूप से फर्क पड़ेगा।
इससे पहले, ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने कोर्च में दायर याचिका को लेकर कहा कि हमने यह अर्जी सिर्फ यह सुनिश्चित करने के लिए दी है कि उसकी मौत के असली कारण और परिस्थितियों को लेकर कोई शक बाकी न रहे। उन्होंने कहा कि सभी फॉरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, ट्विशा के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक और पूरे सम्मान के साथ किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमें डर है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से महत्वपूर्ण फोरेंसिक निष्कर्षों पर ऐसा असर पड़ सकता है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता, और इससे न्याय मिलने में बाधा आ सकती है।

