नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। होमबायर्स से जुड़े धोखाधड़ी मामलों की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़े बिल्डर-बैंक गठजोड़ का खुलासा किया। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 9वीं चार्जशीट दाखिल करते हुए बिल्डर कंपनी, उसके निदेशकों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।
यह मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें घर खरीदने वालों और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
इस मामले में सीबीआई ने मेसर्स मंजू जे. होम्स इंडिया लिमिटेड और उसके निदेशकों के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कुछ बैंक अधिकारियों को आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के अनुसार, बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंक अधिकारियों तथा अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। आरोप है कि उन्होंने घर खरीदने वालों और निवेशकों को बड़े-बड़े वादे और झूठे आश्वासन देकर फंसाया तथा धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक लाभ उठाया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने तय नियमों और प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करते हुए बिल्डर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने में मदद की। इससे जहां संबंधित वित्तीय संस्थानों को नुकसान हुआ, वहीं मासूम होमबायर्स भी ठगी का शिकार बने।
सीबीआई ने सक्षम अदालत में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धोखाधड़ी के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने जैसी धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में बड़ी मात्रा में दस्तावेजी और मौखिक सबूत मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि यह सिर्फ एक साधारण धोखाधड़ी नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर रची गई साजिश थी। इसमें सरकारी पदों के दुरुपयोग, फंड्स की हेराफेरी और होमबायर्स के साथ धोखाधड़ी जैसे गंभीर पहलू शामिल हैं।
सीबीआई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर में ऐसे 50 मामलों की जांच कर रही है। ये मामले विभिन्न बिल्डरों और अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों से जुड़े हैं, जिन पर होमबायर्स से धोखाधड़ी और फंड डायवर्जन के आरोप हैं।
इससे पहले भी सीबीआई कई बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जयपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड और लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।
सीबीआई ने कहा कि आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और आम लोगों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में जवाबदेही तय करना उसकी प्राथमिकता है। खासतौर पर ऐसे मामलों में, जहां आम नागरिकों और होमबायर्स के हित प्रभावित होते हैं, एजेंसी सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

