Sunday, July 12, 2026
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13 जुलाई का पंचांग: भगवान शिव की पूजा करने से विशेष लाभ, दोपहर 12:05 से 12:59 बजे तक अभिजित मुहूर्त

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नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।

13 जुलाई 2026 (सोमवार) को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 6:49 बजे तक है; इसके बाद अमावस्या लग जाएगी। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना उत्तम रहेगा।

इस दिन सुबह 5:53 बजे सूर्योदय और शाम 7:11 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 4:11 बजे चन्द्रोदय और शाम 6:31 बजे चन्द्रास्त होगा।

पंचांग के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेंगे, जबकि चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा (जो 13 जुलाई को मध्यरात्रि 2:51 बजे तक रहेगा), इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र में पहुंचेगा।

वहीं, 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। इस दिन ध्रुव योग विद्यमान रहेगा, जो दोपहर लगभग 3:30 तक प्रभावी रहेगा। सोमवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:59 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।

वहीं, राहुकाल सुबह 07:16 बजे से सुबह 08:59 बजे तक रहेगा, गुलिक काल 2:10 से 3:54 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 10:52 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।

वहीं, 13 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जबकि चंद्रमा भी मिथुन राशि में ही गोचर करेगा। 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।