कर्नाटक सरकार ने ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को बढ़ावा देने के लिए एलईडी वैन अभियान शुरू किया

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बेंगलुरु, 20 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता ने बुधवार को बेंगलुरु विद्युत आपूर्ति कंपनी के कार्यालय से राज्यव्यापी एलईडी मोबाइल वैन जागरूकता अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने और राज्य भर में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने को प्रोत्साहित करने का कार्य शुरू किया।

यह पहल ‘सौर ऊर्जा माह – मई 2026’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई है और इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की इस योजना के तहत उपलब्ध रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणालियों, सब्सिडी, पंजीकरण प्रक्रियाओं और दीर्घकालिक बचत के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर बोलते हुए गौरव गुप्ता ने कहा कि 15 दिवसीय जागरूकता अभियान एलईडी से लैस मोबाइल वैन के माध्यम से बेंगलुरु, मैसूर, मंगलुरु, हुबली-धारवाड़ और कलबुर्गी सहित प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सौर ऊर्जा प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को देशव्यापी स्तर पर लागू कर रहा है।

कर्नाटक की नोडल एजेंसी, बैंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी को राज्य के सभी विद्युत आपूर्ति कंपनी क्षेत्रों में योजना के बारे में जागरूकता गतिविधियों, कार्यान्वयन और निगरानी का दायित्व सौंपा गया है।

गुप्ता के अनुसार, कर्नाटक में अब तक इस योजना के तहत 19,293 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 77.5 मेगावाट है।

केवल बैंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी के क्षेत्र में ही 35.57 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाले 7,992 सौर सिस्टम चालू किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह योजना उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण दीर्घकालिक वित्तीय और पर्यावरणीय लाभ प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता रूफटॉप सोलर सिस्टम से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को पावर ग्रिड में निर्यात कर सकते हैं और आपूर्ति की गई अतिरिक्त इकाइयों के लिए विद्युत आपूर्ति कंपनियों से भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। जागरूकता अभियान का उद्देश्य जनता को इन लाभों के बारे में शिक्षित करना है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत, घरेलू उपभोक्ताओं को 1 किलोवाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर 30,000 रुपए, 2 किलोवाट के सिस्टम पर 60,000 रुपए, और 3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर 78,000 रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है।