रांची, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत रविवार को झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से स्टूडेंट्स मैराथन का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए लगातार हो रहे पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताया।
उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था आईसीयू में चली गई है। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं और पूरा देश उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। मैराथन को कन्हैया कुमार समेत कांग्रेस और युवा कांग्रेस के नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें रांची और आसपास के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान चिब, झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, नमन बिक्सल कोंगाड़ी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा से छात्रों के साथ जो संवाद शुरू किया था, वह अब 28 शहरों में चल रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के रूप में देशव्यापी जनआंदोलन बन चुका है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि आंदोलन के माध्यम से छात्रों की प्रमुख समस्याओं, जिनमें पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी, शैक्षणिक सत्रों में अनियमितता, छात्रावासों की खराब स्थिति और बढ़ती बेरोजगारी शामिल हैं, को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों और छात्रों के सुझावों को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक पहुंचाया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए संसद में प्रभावी ढंग से आवाज उठाई जा सके।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान चिब ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है और इससे मेहनत करने वाले लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स मैराथन के विजेताओं को क्रमश: 15 हजार, 10 हजार और पांच हजार रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ’28 शहर, 40 दिन, एक आंदोलन’ अभियान के तहत देशभर के छात्रों की समस्याओं को एकत्र कर शिक्षा सुधार के लिए व्यापक जनदबाव बनाया जाएगा।
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