महासमुंद, 21 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फूड और एग्रीकल्चर संगठन (एफएओ) का सबसे बड़ा सम्मान मिलने की भाभा परमाणु अनुसंधान मुंबई की संस्थान से पुरस्कृत छत्तीसगढ़ के महासमुंद के संजीवनी धान उत्पादक प्रगतिशील किसान योगेश्वर चंद्राकर ने सराहना की।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, ऐसे में पीएम मोदी को मिला सम्मान निश्चित रूप से हम सब के लिए गौरव की बात है। हम इसके लिए किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री जी को बधाई देते हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह करूंगा कि किसानों की आय को दोगुनी करने का संकल्प लिया है, उसे निभाते हुए किसानों को वह हर सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे कृषि उत्पाद में वृद्धि हो, साथ ही साथ फसलों को गुणवत्तापूर्ण रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि रासायनिक दवाओं से जो हमारी उपज प्रभावित हो रही हैं, उनको सुरक्षित तरीके से स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए जो प्रयास हों, वो किए जाने चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जो व्यक्ति काम करेगा, निश्चित रूप से उसका नाम होगा। जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी कूटनीति और रणनीति से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और साथ ही साथ विकास की मुख्यधारा को लेकर लगातार एक संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम को मिले सम्मान का लाभ ना केवल भारत को मिल रहा है, बल्कि पूरे विश्व को मिल रहा है और शांति स्थापित करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है। इस तरह चौतरफा उनके कार्यों ने ही उनको यह उपलब्धि दिलाई और हम सबको गौरव है कि हम ऐसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में रह रहे हैं।
इसके अलावा, नासिक के महाराष्ट्र स्टेट अनियन प्रोड्यूसर्स फार्मर्स एसोसिएशन के फाउंडर प्रेसिडेंट भारत दिघोले ने पीएम मोदी को बधाई दी है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कृषि क्षेत्र में विदेश में मिलने वाले सर्वोच्च सम्मान पर महाराष्ट्र के प्याज किसानों की ओर से स्वागत और शुभकामनाएं। महाराष्ट्र में अंगूर, गन्ना, सोयाबीन, प्याज सहित विभिन्न फसलों की खेती की जाती है। इन सब की खेती करने वाले किसानों की ओर से प्रधानमंत्री को बधाई।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी को रोम के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ओर से साल 2026 के प्रतिष्ठित एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार भारत और वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके असाधारण नेतृत्व को मान्यता देते हुए प्रदान किया गया है।

