Sunday, May 24, 2026
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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनावों के लिए तैयार है: झाबर सिंह खर्रा

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जयपुर, 23 मई (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार राजस्थान उच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों के अनुरूप पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

खर्रा ने अजमेर दौरे के दौरान यह बयान दिया, जहां उन्होंने झलकारी बाई स्मारक के पास एक कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी।

उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग को पूरा सहयोग देगी और यह आश्वासन दिया कि अजमेर के विकास में फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

खर्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के फैसले को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य चुनाव आयोग की है। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आयोग द्वारा मांगी गई हर जरूरत को सरकार पूरा करेगी। चुनाव आयोग को हाई कोर्ट के निर्देशों का अध्ययन करना होगा और उसी के अनुसार आगे बढ़ना होगा। सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

इस दौरे के दौरान खर्रा ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के साथ मिलकर साइंस पार्क और झलकारी बाई स्मारक क्षेत्र के पास एक कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी।

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

विश्व-स्तरीय सुविधाओं से लैस इस आधुनिक कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1400 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

खर्रा ने कहा कि इस परिसर में एक उच्च-स्तरीय कैफेटेरिया, पार्किंग की व्यापक व्यवस्था, सुव्यवस्थित आंतरिक सड़कें, एक आधुनिक जल निकासी प्रणाली, एक मजबूत चारदीवारी और आकर्षक लैंडस्केपिंग होगी, जो अजमेर की आधुनिकता और प्रगति की छवि को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

मंत्री की यह टिप्पणी राजस्थान हाई कोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद आई, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अनिश्चितकाल तक देरी नहीं की जा सकती।

कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा 31 जुलाई तक बढ़ा दी, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि केवल ओबीसी आयोग की रिपोर्ट लंबित होने के कारण चुनावों को टाला नहीं जा सकता।

हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को यह भी निर्देश दिया कि वह 20 जून तक शहरी स्थानीय निकायों के लिए वार्डों का परिसीमन और मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर ले।

कोर्ट ने चेतावनी दी कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी भी और देरी के लिए अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।