नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने रविवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक से जुड़े सहयोग (जिसमें TRUST पहल भी शामिल है) पर विस्तार से चर्चा हुई।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देशों के एनएसए ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पुष्टि की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
इससे पहले दिन में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय, वैश्विक तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हुई। जयशंकर ने कहा कि वह मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के अपने समकक्षों के साथ शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, एआई, परमाणु सहयोग, आतंकवाद-रोधी और मादक पदार्थ-रोधी सहयोग सहित पूरे द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की गई। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई और बाद में विस्तृत प्रेस वार्ता की गई।
शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला और व्यापार विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अमेरिका ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग और ‘मिशन 500’ के तहत व्यापार को दोगुना करने की योजना पर भी जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करते रहेंगे और आतंकवाद, संघर्ष समाधान तथा विकास साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रहेगा।
रविवार को मीटिंग के बाद विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया, “अमेरिकी विदेश सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने आज एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। बातचीत में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीक से जुड़े सहयोग पर फोकस थी, जिसमें टीआरयूएसटी पहल भी शामिल है।”
उन्होंने कहा, “दोनों देशों के एनएसए ने द्विपक्षीय व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को दी जाने वाली उच्च प्राथमिकता को दोहराया। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।”
वहीं भारत में अमेरिकी दूतावास ने इस मुलाकात को लेकर लिखा, “सचिव रुबियो एनएसए डोभाल के साथ एक जरूरी मीटिंग में शामिल हुए, जिसमें काउंटर टेररिज्म सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और हिंद-प्रशांत में अमेरिका-भरात रणनीतिक समन्वय को मजबूत करने पर फोकस किया गया। हमारी साझेदारी साझा सुरक्षा इंटरेस्ट के समर्थन में और मजबूत होती जा रही है!”
शनिवार को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। अमेरिकी राज्य विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, “सचिव और प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर बात की। सेक्रेटरी ने इस बात पर जोर दिया कि यूएस ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक नहीं बनाने देगा और यह भी कहा कि अमेरिका ऊर्जा प्रोडक्ट्स में भारत की ऊर्जा सप्लाई को अलग-अलग तरह का बनाने की क्षमता रखता है। दोनों अधिकारियों ने हाल की आपसी उपलब्धियों पर बात की, जिसमें बड़े निवेश शामिल हैं जो 2030 तक ट्रेड को दोगुना करने के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के ‘मिशन 500’ को आगे बढ़ाते हैं।”
रुबियो ने एक्स पर लिखा, “नई दिल्ली में मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला और अमेरिका-भारत के संबंधों की अहमियत पर जोर दिया। हमने मिडिल ईस्ट के हालात और ऊर्जा में अमेरिका-भारत पार्टनरशिप, जरूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और नई तकनीक पर सहयोग पर चर्चा की। मुझे राष्ट्रपति की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस में इनवाइट करते हुए खुशी हुई।” मीटिंग के बाद, पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।

