Tuesday, May 26, 2026
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भोंदू बाबा अशोक खरात को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, नासिक रोड जेल में होंगे शिफ्ट

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मुंबई, 26 मई (आईएएनएस)। कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार भोंदू बाबा अशोक खरात की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत समाप्त होने के बाद मंगलवार को उन्हें स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने अशोक खरात को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

अशोक खरात पिछले छह दिनों से ईडी की हिरासत में था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने कहा कि फिलहाल जांच एजेंसी को खरात की आगे की कस्टडी की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। हालांकि, ईडी ने अदालत में यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान भविष्य में जरूरत पड़ने पर अशोक खरात को दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।

जानकारी के मुताबिक, अशोक खरात को जल्द ही नासिक रोड कारागृह भेजा जाएगा। ईडी ने उसे 19 तारीख को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था और तब से उससे पूछताछ की जा रही थी।

ईडी के अनुसार, अशोक खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर लोगों को धोखा दिया और एक शिकायतकर्ता से ही 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उगाही। जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने धोखे से प्राप्त पैसे से लग्जरी कारें खरीदीं, फार्महाउस खरीदा और विदेश यात्राएं कीं। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के पैसे से मर्सिडीज बेंज कार खरीदी। लोन चुकाने के बाद कार पर अपना कब्जा कर लिया। इसके अलावा, शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड का भी दुरुपयोग किया गया। ईडी ने बताया कि अशोक खरात ने रियल एस्टेट के नाम पर भी 2.5 करोड़ रुपए की वसूली की।

जांच एजेंसी के मुताबिक, अशोक खरात ने 60 बैंक खाते खोले, जिनमें वह स्वयं लाभार्थी और नॉमिनी था। इन खातों से कुल 23.87 करोड़ रुपए नकद निकाले गए। ईडी अब इस नकदी के स्रोत और इसके इस्तेमाल की विस्तृत जांच कर रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा में भी उसके नाम पर करोड़ों रुपए का संदिग्ध लेन-देन हुआ है।

ईडी ने अदालत को बताया कि अशोक खरात पर पहले भी कई एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें इसी तरह धोखाधड़ी और पैसे की उगाही के मामले सामने आए हैं। एक हर्षद नाम के व्यक्ति से भी करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार यह मनी ट्रेल की जांच का मामला है। जांच में पता लगाया जा रहा है कि कितने लोगों को ठगा गया और धन का असली मालिक कौन है। नाशिक में अशोक खरात लंबे समय से ‘बाबा’ के रूप में सक्रिय था। वह शिव भक्तों को आध्यात्मिक इलाज और समस्याओं का समाधान बताकर लोगों से भारी रकम वसूलता था।